बेलसर-रिगौली तटबंध, महाव नाला और रामनगर-ठूठीबारी तटबंध का किया स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने कहा—सभी विभाग अलर्ट रहें, तटबंधों की निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग में किसी भी स्तर पर न हो लापरवाही

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में लगातार हो रही वर्षा एवं नदियों के जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाते हुए शनिवार को स्वयं तीन तहसीलों के संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर तटबंधों, नदियों एवं नालों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने तहसील फरेन्दा के अंतर्गत राप्ती नदी के बायें तट पर स्थित बेलसर-रिगौली तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध की टॉप, दोनों ओर के स्लोप तथा तटबंध सुरक्षा के लिए कराए गए कटाव निरोधक कार्यों की स्थिति को मौके पर देखा। धानी पुल के डाउनस्ट्रीम में बोल्डर से कराए गए कटाव निरोधक कार्य भी संतोषजनक स्थिति में पाए गए। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता सिंचाई खण्ड-द्वितीय ने बताया कि बेलसर-रिगौली तटबंध की लंबाई 10.600 किलोमीटर है, जिससे 63 गांवों की लगभग 90 हजार आबादी तथा 4825 हेक्टेयर भूमि लाभान्वित होती है।
जिलाधिकारी महोदय ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से केवल तटबंध की वर्तमान स्थिति की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम फरेन्दा से बाढ़ चौकियों की संख्या, नावों एवं नाविकों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि तहसील में 08 बाढ़ चौकियां हैं तथा 11 गांवों में नावों के साथ नाविकों को भी सूचीबद्ध किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाढ़ चौकियों एवं नावों की व्यवस्था को सक्रिय स्थिति में रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग सुनिश्चित हो।
इसके बाद जिलाधिकारी महोदय ने तहसील नौतनवां क्षेत्र के महाव नाले का निरीक्षण किया। मौके पर महाव नाला लगभग 7 फीट के लेवल पर प्रवाहित होता पाया गया। जिलाधिकारी महोदय ने नाले की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी नौतनवां, खंड विकास अधिकारी नौतनवां एवं सहायक अभियंता को नियमित निगरानी एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जलस्तर में किसी भी असामान्य वृद्धि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने को कहा।
निचलौल तहसील क्षेत्र में जिलाधिकारी महोदय ने चन्दन नदी के दायें एवं प्यास नदी के बायें तट पर स्थित रामनगर-ठूठीबारी तटबंध का भी निरीक्षण किया। तटबंध की टॉप एवं दोनों ओर के स्लोप अच्छी स्थिति में पाए गए। बोल्डर से कराए गए कटाव निरोधक कार्य भी प्रभावी स्थिति में मिले। जिलाधिकारी ने मौके पर संबंधित अधिकारियों से तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि जनपद से प्रवाहित सभी नदियों एवं प्रमुख नालों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और जलस्तर संबंधी सूचनाएं नियमित रूप से जनपद स्तर के साथ संबंधित तहसीलों के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने तीनों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को भी बाढ़ की स्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि वर्षाकाल में तटबंधों, नदियों एवं नालों की सघन निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग लगातार जारी रहनी चाहिए। किसी भी स्थान पर असामान्य स्थिति, कटाव या जलस्तर में अचानक वृद्धि की जानकारी मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी तैयारियां अद्यतन रखने तथा किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी फरेन्दा, उपजिलाधिकारी नौतनवां, सहायक अभियंता सिंचाई खण्ड-द्वितीय श्री जितेन्द्र कुमार पटेल सहित संबंधित जूनियर इंजीनियर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




