कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का डीएम ने किया आकस्मिक निरीक्षण
कक्षाओं में छात्राओं से पूछे पाठ्यक्रम व सामान्य ज्ञान के सवाल, किचन में भोजन की गुणवत्ता परखी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सदर का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, स्वच्छता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और छात्राओं से पाठ्यक्रम एवं सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। अधिकांश छात्राओं द्वारा संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर उन्होंने शिक्षकों की सराहना की। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और छात्राओं को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय के किचन एवं डाइनिंग हॉल का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं के साथ शाम का नाश्ता भी किया और भोजन की गुणवत्ता को स्वयं परखा। व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए।
छात्रावास के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बालिकाओं के रहने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बालिकाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यालय की प्रत्येक व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखने और उसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए।




