सीएचसी निचलौल का औचक निरीक्षण, गंदगी पर भड़के डीएम; सफाई व्यवस्था सुधारने और बच्चों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग के दिए निर्देश
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लिया जायजा, लापरवाही पर जताई नाराजगी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर भर्ती मरीजों से बातचीत की और उपचार की गुणवत्ता तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल परिसर और कई वार्डों में साफ-सफाई संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय ओपीडी में 249 मरीजों का उपचार किया जा चुका था, जबकि आपातकालीन कक्ष में 17 मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई थी। जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था की जानकारी ली और चिकित्सकीय सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
बीपीएचयू लैब के निरीक्षण के दौरान अब तक 68 पैथोलॉजिकल जांचें किए जाने की जानकारी मिली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की जांच एवं स्क्रीनिंग का विवरण अनिवार्य रूप से ‘पहचान पोर्टल’ पर दर्ज किया जाए। एक्स-रे इकाई में निरीक्षण के समय तक 9 मरीजों की जांच की जा चुकी थी।
एमसीएच विंग में तैनात स्टाफ की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई, लेकिन पीआईसीयू वार्ड में कोई मरीज भर्ती न मिलने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि हाई ग्रेड फीवर सहित आवश्यकता वाले मरीजों को चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप भर्ती कर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। वहीं एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात शिशुओं के उपचार की जानकारी लेते हुए उन्होंने संबंधित परिवारों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर, आयुष्मान वार्ड, प्रसव कक्ष एवं अन्य वार्डों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने रोस्टर के अनुसार सफाई कर्मियों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित करने, अस्पताल परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने तथा संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग कर उनकी लाइन लिस्ट तैयार करने तथा आशा, एएनएम और स्टाफ नर्सों के माध्यम से समयबद्ध जांच एवं उपचार सुनिश्चित कराने को कहा। इसके साथ ही 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनका विवरण पहचान पोर्टल पर अपलोड करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, जननी सुरक्षा योजना के तहत समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, मरीजों की बेडशीट प्रतिदिन बदलने, बेड के समीप रखी जाने वाली मेजों की नियमित सफाई तथा अस्पताल में बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में पड़े निष्प्रयोज्य वाहनों एवं जर्जर आवासों को नियमानुसार कंडम घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने, अग्निशमन संबंधी सभी कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा कर्मचारियों की नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही बीपीएचयू भवन तक जाने वाले मार्ग पर इंटरलॉकिंग का कार्य जल्द पूरा कराने को भी कहा, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों की स्वच्छता और मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. उमेश चंद सिंह, फिजिशियन डॉ. मनीष खन्ना, लैब टेक्नीशियन राजकुमार पांडेय, बीसीपीएम परेश्वर शाही सहित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।




