सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त पलक व अश्रु नली का सफल पुनर्निर्माण, महिला की बची आँख
45 वर्षीय महिला की जटिल माइक्रोसर्जरी कर नेत्र सर्जन डॉ. बी. एन. वर्मा ने बहाल की पलक एवं अश्रु नली की संरचना

महराजगंज।(न्यूज पैच)। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल ग्राम अहरौली, जनपद महराजगंज निवासी 45 वर्षीय महिला की बाईं आँख की पलक एवं अश्रु नली (लेक्रिमल कैनालिक्यूलस) गंभीर रूप से कट-फटकर पलट गई थी। दुर्घटना के कारण आँख के आसपास का ऊतक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे दृष्टि, पलकों की सामान्य कार्यप्रणाली तथा भविष्य में आँख से लगातार पानी बहने जैसी जटिलताओं का खतरा उत्पन्न हो गया था।
परिजनों द्वारा घायल महिला को तत्काल सृजन आई हॉस्पिटल, महराजगंज लाया गया। यहाँ वरिष्ठ नेत्र एवं नेत्र-प्लास्टिक सर्जन डॉ. बी. एन. वर्मा ने विस्तृत परीक्षण के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जटिल माइक्रोसर्जरी करने का निर्णय लिया।
डॉ. वर्मा ने अत्यंत सूक्ष्म शल्य तकनीक का उपयोग करते हुए क्षतिग्रस्त पलक एवं अश्रु नली का सफल पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के दौरान पलकों की प्राकृतिक बनावट को पुनः स्थापित किया गया तथा अश्रु नली को भी सावधानीपूर्वक जोड़कर उसकी कार्यक्षमता सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। सफल शल्यक्रिया के बाद महिला की पलक लगभग पूर्ववत स्थिति में आ गई है तथा उनकी स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से आँख की संरचना एवं कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने में सफलता मिली।
इस अवसर पर डॉ. बी. एन. वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में आँख अथवा पलकों पर लगने वाली चोटों को सामान्य घाव समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि पलक कट जाए, आँख के आसपास गहरी चोट लगे अथवा अत्यधिक रक्तस्राव हो, तो मरीज को तुरंत नेत्र विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ उपचार एवं माइक्रोसर्जरी से न केवल दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि पलकों एवं अश्रु नली की सामान्य कार्यप्रणाली भी पुनः स्थापित की जा सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा दुर्घटना की स्थिति में बिना विलंब विशेषज्ञ चिकित्सा केंद्र पर पहुँचकर उपचार कराएँ।




