बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने ग्रामीणों को किया जागरूक
अपर जिलाधिकारी ने बाढ़, सर्पदंश और वज्रपात से बचाव के बताए उपाय, अफवाहों से दूर रहने की अपील

महराजगंज।(न्यूज पैच)। बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित जागरूकता चौपाल में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने ग्रामीणों को आपदा से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान जन-जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई तैयारी ही जन-धन की हानि को न्यूनतम कर सकती है।
अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का नियमित रूप से पालन करें, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की आशंका होने पर महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवश्यक दवाइयाँ, सूखा खाद्य सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान पहले से सुरक्षित स्थान पर रख लें। साथ ही समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिन्हित बाढ़ शरणालयों में पहुंच जाएँ। उन्होंने बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की सलाह दी।
नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम पर उन्होंने कहा कि नाव का संचालन केवल अधिकृत एवं प्रशिक्षित नाविक द्वारा ही किया जाए। नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए तथा सभी यात्री यथासंभव लाइफ जैकेट का प्रयोग करें। उन्होंने खराब मौसम, तेज धारा और रात्रि के समय नाव से यात्रा करने से बचने की भी सलाह दी।
वर्षा ऋतु में बढ़ती सर्पदंश की घटनाओं के मद्देनजर उन्होंने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों एवं जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने तथा रात्रि में टॉर्च का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाकर पीड़ित को तत्काल निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाए।
आकाशीय बिजली (वज्रपात) से बचाव के संबंध में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि गर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊँचे पेड़ों, विद्युत पोलों तथा जलाशयों के पास न जाएँ। यदि खेतों में कार्य कर रहे हों तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें और मौसम सामान्य होने तक खुले स्थान पर कार्य न करें।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को आपदा सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने की अपील की।




