दो धंधेबाजों को पुलिस ने दबोचा, नेपाल ले जा रहे थे नशे की सस्ती डोज
123 शीशी कोडिनयुक्त सिरप, 960 कैप्सूल बरामद, छह माह से हो रहा था यह धंधा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर चाैराहे पर पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को दोपहर में नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय चालान कर दिया। बृहस्पतिवार को ही यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। इन दोनों के पास से पुलिस टीम ने 123 शीशी कोडिनयुक्त सीरप और 960 कैप्सूल बरामद किया। छह माह से दोनों आरोपी इस धंधे में लिप्त थे। नेपाल में महंगे दाम पर नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं को बेचा जाता था।
जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल सक्रिय ड्रग तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत थाना पुरन्दरपुर की ओर से कार्रवाई की गई। इसमें मुकेश पाण्डेय निवासी भारत भारी, डुमरियागंज जनपद सिद्धार्थनगर व योगेश तिवारी निवासी कैथवलिया खोराबार जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 123 पीस CODISUN (TRIPROLIDDINE HYDROCHLORIDE AND CODEINE PHOSPATE SYRUP) सिरप व 960 (DICYCLOMINE HYDROCHLORIDE,TRAMADOL HYDROCHLORIDE AND ACETAMINOTHEN CAPSULES) कैप्सूल , दो मोबाइल फोन, एक बाइक बरामद किया गया। बरामद बाइक मुकेश पाण्डेय पुत्र राजेश कुमार पाण्डेय निवासी भारत भारी, डुमरियागंज जनपद सिद्धार्थनगर के नाम से पंजीकृत है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर सूचना मिली की गोरखपुर से सोनौली की तरफ एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति नशे के लिए सीरफ व कैप्सूल लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर संयुक्त टीम ने थाना पुरन्दरपुर क्षेत्र के रानीपुर चौराहे पर घेराबंदी। बाइक पर सवार दो व्यक्ति को पकड़कर उनसे पूछताछ की गई तो सीरप व कैप्सूल की तस्करी करने की बात कही। बरामद कैप्सूल, व सीरप का बाजार मूल्य लगभग नब्बे हजार रुपये है।
पूछताछ में पता चला की ये दोनों नेपाल में सीरप व कैप्सूल ले जाकर ऊंचे दामों में बेचते थे। बरामद दवाईयां सामान्यतः चिकित्सीय उपयोग (दर्द निवारण, एंग्जायटी/सेडेटिव, एलर्जी आदि) में प्रयुक्त होती हैं, लेकिन अवैध रूप से नशे के लिए इंजेक्शन के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। इन दवाओं का मिश्रण कर “कॉकटेल ड्रग” के रूप में सेवन युवाओं में तेजी से प्रचलित हो रहा है जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम (बेहोशी, लत, ओवरडोज) उत्पन्न होते हैं। बरामद मात्रा व्यावसायिक की श्रेणी में है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया की पुलिस टीम की ओर से सप्लाई चेन की जांच की जा रही है। भविष्य में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। दोनों आरोपियों को भेज जा चुका है।
सुनील कुमार श्रीवास्तव




