नवागत डीएम सबसे पहले पहुचे जिला अस्पताल
आयुष्मान वार्ड मे मिले दो मरीज। आक्युपेंसी बढाने का दिया निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल बूधवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद गुरुवार को सबसे पहले जिला अस्पताल पहुच चिकित्सा व्यवस्था का हाल जाना। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर, आयुष्मान वार्ड, सीटी स्कैन कक्ष, एसएनसीयू तथा पीकू वार्ड सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। सीएमएस द्वारा अवगत कराया गया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में कुल 48 चिकित्सक तथा 108 स्टाफ नर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान आयुष्मान वार्ड में मात्र दो मरीज पाए जाने पर जिलाधिकारी ने बेड ऑक्युपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है तथा अधिक से अधिक पात्र मरीजों को इसका लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार पीकू वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू में मरीजों की संख्या एवं उपलब्ध बेड के दृष्टिगत शासन से अतिरिक्त बेड स्वीकृत कराने हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवनिर्मित क्रिटिकल केयर अस्पताल में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति एवं मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजने हेतु सीएमओ को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने रैन बसेरे की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला अस्पताल जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से सीधे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों से बात करने के उपरांत जिलाधिकारी महोदय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार, डॉ. ए.बी. त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुनील कुमार श्रीवास्तव




