17 जून से दिखेगी तीन ग्रहों की अद्भुत परेड, पश्चिमी आकाश में बनेगा दुर्लभ खगोलीय नज़ारा
बुध, शुक्र और बृहस्पति ग्रह एक सीध में आएंगे नजर, चंद्रमा भी बढ़ाएगा दृश्य की खूबसूरती

महराजगंज।(न्यूज पैच)। आकाशीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों और खगोल प्रेमियों के लिए जून 2026 का महीना बेहद खास होने जा रहा है। 17 जून से पश्चिमी आकाश में एक दुर्लभ और मनमोहक ग्रहीय संरेखण (Planet Parade) दिखाई देगा, जिसमें बुध, शुक्र और बृहस्पति ग्रह लगभग एक सीधी रेखा में नजर आएंगे। इस अद्भुत खगोलीय घटना को लेकर खगोलविद अमर पाल सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की है।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार 17 जून 2026 के आसपास सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी क्षितिज पर यह दुर्लभ दृश्य दिखाई देना शुरू होगा और लगभग 23 जून तक ग्रहों की स्थिति थोड़ी ऊपर-नीचे एवं आगे-पीछे होते हुए देखी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि यद्यपि वास्तविक अंतरिक्ष में ये ग्रह करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर होते हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर ये सूर्य-पथ (Ecliptic) के साथ एक रेखीय संरेखण का आभास देते हैं, जिसे “प्लैनेट परेड” कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि 17 जून की शाम यह दृश्य और अधिक आकर्षक हो जाएगा, जब पतला अर्धचंद्राकार बढ़ता हुआ चंद्रमा भी शुक्र और बृहस्पति ग्रह के बीच दिखाई देगा। उस समय चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक-दूसरे के काफी निकट नजर आएंगे, जबकि बुध ग्रह नीचे की ओर दिखाई देगा।
भारत में कब और कैसे देखें यह दुर्लभ नजारा?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस अद्भुत खगोलीय दृश्य को देखने के लिए सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद पश्चिम या पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर देखना सबसे उपयुक्त रहेगा। उन्होंने सलाह दी कि ऐसा स्थान चुना जाए जहां पश्चिमी क्षितिज पूरी तरह खुला हो और इमारतें या पेड़ दृश्य में बाधा न बनें।
उन्होंने कहा कि इस संरेखण में सबसे चमकीला ग्रह शुक्र दिखाई देगा। उसके नीचे बृहस्पति ग्रह और सबसे नीचे क्षितिज के निकट बुध ग्रह नजर आएगा।
नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा दृश्य
अमर पाल सिंह ने बताया कि यदि प्रकाश प्रदूषण से दूर स्थान पर जाकर आकाश का अवलोकन किया जाए तो यह दृश्य सामान्य आंखों से भी काफी स्पष्ट और सुंदर दिखाई देगा। हालांकि दूरबीन या बाइनोकुलर की सहायता से ग्रहों और चंद्रमा के विशेष फीचर्स और अधिक स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 17 जून को बृहस्पति ग्रह मिथुन तारामंडल क्षेत्र में लगभग माइनस 1.68 मैग्नीट्यूड, शुक्र ग्रह कर्क तारामंडल क्षेत्र में माइनस 3.91 मैग्नीट्यूड तथा बुध ग्रह मिथुन तारामंडल में माइनस 0.77 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। वहीं बढ़ता हुआ अर्धचंद्राकार चंद्रमा लगभग माइनस 8 मैग्नीट्यूड की चमक लिए नजर आएगा।
खगोलविद ने बताया कि रात करीब 8 बजे के बाद बुध ग्रह पश्चिमी क्षितिज के नीचे जाना शुरू कर देगा, जबकि उसके बाद क्रमशः बृहस्पति और शुक्र ग्रह भी लगभग आधे-आधे घंटे के अंतराल पर क्षितिज की ओर नीचे जाते दिखाई देंगे।
उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि सूर्य पूरी तरह अस्त होने से पहले किसी भी ऑप्टिकल उपकरण जैसे दूरबीन या बाइनोकुलर का उपयोग न करें। सूर्यास्त के बाद ही इन उपकरणों का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार जून 2026 ग्रहों के अवलोकन के लिहाज से बेहद खास महीना साबित हो रहा है और चंद्रमा के साथ बुध, शुक्र तथा बृहस्पति का यह दुर्लभ संरेखण वर्ष के सबसे सुंदर सांध्यकालीन आकाशीय दृश्यों में से एक माना जा रहा है।




