जनगणना2027 महाभियान आज हुआ शुरु,घर घर पहुचेगे प्रगणक,पहली बार हो रहा डिजिटल जनगणना

महराजगंज।(न्यूज पैच)। देश की जनसंख्या समाजिक आर्थिक स्थिति का सही आकलन कर विकास नीति निर्धारित करने के उद्देश्य से जनगणना हर दस वर्ष मे की जाती है। विगत जनगणना निर्धारित समय पर कोरोना काल के विषम दौर के कारण जनगणना वर्ष2021 मे स्थगित कर दी गयी।इसके बाद जनगणना2027 का शंखनाद हो गया और अप्रैल माह मे प्रगणक व सुपरवाइज को नियुक्त कर प्रशिक्षण कराया गया।
जनगणना के प्रथम चरण मे आम नागरिको को स्वगणना के लिए 7मई से21म ई तक तिथि निर्धारित की गयी।इसके बाद22मई से 20जून तक प्रगणको को आवंटित जनगणना क्षेत्र का नजरी नक्शा बनाने, मकान सूचीकरण व 33 बिंदुओ पर मोबाइल एप से जानकारी अपलोड करने का कार्यक्रम तय किया गया।22 म ई से जनगणना को लेकर जनपद प्रशासन ने कमर कस ली है और 21म ई को सुपरवाइजर पद पर तैनात कार्मिको को जनगणना कीट वितरित कर दिये गये। बता दे कि आजाद भारत मे पहली जनगणना1951मे शुरु की गयी और प्रत्येक दस वर्ष पर जनगणना होती रही है। वर्ष 2021मे कोरान दौर मे जनगणना नही हो सकी जो अब जनगणना2027 शुरु की गयी है।जनगणना से देश की स्थिति समझकर सरकार शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार आवास पेयजल सडक बिजली आदि बुनियादी सुविधाओ को लेकर योजनाए तैयार करती है।देश के बजट और सोसाधनो का किस क्षेत्र मे अधिक उपयोग करना है उसकी सटीक जानकारी जनगणना से मिलती है।
देश मे पहली डिजिटल जनगणना के लिए प्रगणको को एसएलओ नियुक्ति उनके मोबाइल पर मैसेज से मिली और एचएलओ का आईडी व पासवर्ड भी टैक्स मैसेज से मिला जिसका उपयोग कर प्रगणको को अपने जनगणना क्षेत्र का मैप को देख सके।प्रगणको को किसी भी असुविधा होने पर सुपरवाइजर व हेल्प लाइन नम्बर पर सम्पर्क करने की सलाह दी गयी है। प्रगणक जनगणना का डाटा गोपनीय रखेगे, किसी की जानकारी साझा करने पर प्रगणको को कार्यवाही से भी गुजरना पड सकता है।
सुनील कुमार श्रीवास्तव




