वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर मिलेगी जनपद को पहचान,केद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के प्रयास से रामग्राम के वैज्ञानिक उत्खनन को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
कन्हैया बाबा टीला को माना जाता है बौद्धकालीन रामग्राम स्तूप

महराजगंज।(न्यूज पैच)। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत चौक बाजार क्षेत्र स्थित रामग्राम स्तूप (कन्हैया बाबा स्थल) के वैज्ञानिक उत्खनन का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 8 जुलाई 2026 को इस स्थल के वृहद उत्खनन के लिए अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई लखनऊ मंडल को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उत्खनन कार्य शुरू किया जाएगा।
जनश्रुतियों और कई विशेषज्ञों के अनुसार कन्हैया बाबा का यह प्राचीन टीला बौद्धकालीन प्रसिद्ध रामग्राम स्तूप माना जाता है, जो ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2024 में एएसआई ने यहां ट्रायल ट्रेंच के माध्यम से प्रारंभिक वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी किया था।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि उन्होंने इस स्थल के वैज्ञानिक सर्वेक्षण और उत्खनन का मुद्दा लगातार संसद और संस्कृति मंत्रालय सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया। उनके निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप एएसआई ने अब वृहद उत्खनन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “रामग्राम स्तूप हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इसका वैज्ञानिक उत्खनन महराजगंज के गौरव को नई पहचान देगा। हमारा प्रयास है कि इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व पूरी दुनिया के सामने आए और महराजगंज वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे।”
उन्होंने कहा कि उत्खनन कार्य पूरा होने के बाद इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व के कई नए तथ्य सामने आने की संभावना है, जिससे पर्यटन और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी।




