रोजगार योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, शून्य स्वीकृति वाले बैंकों को लगाई फटकार

महराजगंज।(न्यूज पैच)। स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने लापरवाही बरतने वाले बैंकों पर कड़ा रुख अपनाया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और ऋण वितरण के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक तथा उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक समेत उन बैंक शाखाओं के प्रबंधकों को कड़ी फटकार लगाई, जिनका ऋण स्वीकृति और वितरण का प्रदर्शन शून्य रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वरोजगार योजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और बिना ठोस कारण के आवेदनों को निरस्त करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। ऐसे में बैंकिंग संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे पात्र आवेदकों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराएं।
सीएम युवा योजना में 820 आवेदन भेजे गए
बैठक में उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत जनपद को 1800 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों को अब तक 820 आवेदन भेजे जा चुके हैं। इनमें 182 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि 139 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा 364 आवेदन अभी स्वीकृति के लिए तथा 95 आवेदन वितरण के लिए लंबित हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबित आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और स्वीकृत मामलों में तत्काल ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए।
युवा स्वरोजगार और ओडीओपी योजनाओं की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 128 के लक्ष्य के सापेक्ष 91 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें 22 आवेदन स्वीकृत हुए हैं तथा 10 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है।
वहीं ओडीओपी योजना के तहत 26 लक्ष्य के सापेक्ष 9 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें 4 को स्वीकृति मिल चुकी है और दो मामलों में ऋण वितरित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि ओडीओपी महराजगंज की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। बैंकिंग संस्थान इसमें विशेष रुचि दिखाएं और स्थानीय काष्ठ उत्पाद उद्योग को बढ़ावा देने में सहयोग करें।
ओडीओसी योजना में गुड़, लिट्टी-चोखा और मीठा समोसा शामिल
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन) योजना के अंतर्गत महराजगंज से रामकटोरी के साथ-साथ गुड़, लिट्टी-चोखा और मीठा समोसा को भी चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उद्यमियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने जनपद के खाद्य उत्पाद कारोबारियों और उद्यमियों से इस योजना का लाभ उठाकर अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का आह्वान किया।
जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने पर जोर
व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ने जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक कारोबारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि पंजीकृत व्यापारियों को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्राप्त होता है।
व्यापारियों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान व्यापारियों और उद्यमियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग और उपायुक्त राज्यकर को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, उपायुक्त राज्यकर हरिशंकर प्रसाद, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार सहित व्यापार मंडल से जुड़े कई प्रतिनिधि और उद्यमी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनपद में उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।




