ई-रिक्शा खरीद में अनियमितता ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
डीपीआरओ ने अपनाया शक्त रूप

महराजगं।(न्यूज पैच)। जनपद के विकाश खण्ड नौतनवा के ग्राम पंचायत सुकरौली उर्फ अरघा में एसएलडब्ल्यूएम योजना के तहत वर्ष 2024-25 में ई-रिक्शा क्रय के नाम पर 4 सितंबर 2024 को एक लाख पैंतीस हजार रुपये का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से करा लिया गया लेकिन ई रिक्शा का क्रय नहीं किया गया। जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी मे आता है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को पूर्ण रूप से दोषी मानते हुए तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने उक्त आरोपों के सम्बन्ध में विभागीय जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार जनपद के नौतनवा विकासखंड के ग्राम पंचायत सुकरौली उर्फ अरघा में स्वच्छता एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ई रिक्शा खरीदा जाना था लेकिन ई रिक्शा क्रय किये बिना ही 4 सितंबर 2024 को एक लाख पैंतीस हजार रुपये का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से करा लिया गया लेकिन ई रिक्शा का क्रय नहीं किया गया।
इस क्रम में 5 जून 2026 को किये गये निरीक्षण के दौरान एसएलडब्ल्यूएम योजना के तहत वर्ष 2024-25 में व्यय किए गए पैसो की समीक्षा की गई समीक्षा के दौरान उक्त अनियमितता सामने आई जो प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता है। इस मामले में शख्त रूप अपनाते हुए मामले में संलिप्त तात्कालिक ग्राम पंचायत अधिकारी अवधेश कुमार यादव की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें पूर्ण रूप से जिम्मेदार मानते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी को लक्ष्मीपुर कार्यालय से किया गया संबद्ध
निलंबन की अवधि में ग्राम पंचायत अधिकारी को प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता की धनराशि अर्द्ध औसत वेतन पर देय अवकाश के बराबर होगा। उक्त धनराशि पर महंगाई भत्ता भी देय होगा । उल्लिखित मदो का भुगतान तभी किया जाएगा जब तात्कालिक ग्राम पंचायत अधिकारी श्री यादव इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करे कि वह किसी अन्य सेवायोजन व्यापार व योजना वृत्त में नहीं लगे हैं। निलंबन की अवधि में वे सहायक विकास अधिकारी (पं0) कार्यालय से संबद्ध रहेंगे । मामले की जाँच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पं0) लक्ष्मीपुर को जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है।




