कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, फायर और विद्युत मानकों की हुई जांच

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के तहत सदर क्षेत्र में संचालित विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी तथा विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर चलाए गए इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी सदर, फायर सेफ्टी अधिकारी तथा नगर पालिका परिषद के जूनियर इंजीनियर शामिल रहे। अधिकारियों की टीम ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की जांच की गई। इसके साथ ही फायर एग्जिट, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत वायरिंग, सुरक्षा उपकरणों तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किसी आपात स्थिति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
संयुक्त टीम ने संस्थान संचालकों को निर्देश दिया कि सभी अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता के साथ अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखा जाए तथा समय-समय पर उनकी जांच कराई जाए। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों और स्टाफ को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में आग लगने की घटनाओं ने सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। ऐसे में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरियों और अन्य शिक्षण प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए पहुंचते हैं।
निरीक्षण के दौरान संचालकों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में किसी संस्थान में गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य न केवल सुरक्षा मानकों का अनुपालन कराना है, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोककर आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
संयुक्त अभियान के बाद प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों से सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आवश्यक संसाधनों को समय रहते दुरुस्त रखने की अपील की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।




