जनपद का सीडी अनुपात 72.75 प्रतिशत, बैंक समयबद्ध तरीके से करें सरकारी योजनाओं के लंबित आवेदनों का निस्तारण: सीडीओ
डीएलआरसी एवं डीसीसी की बैठक में बैंकिंग व्यवस्था और ऋण वितरण की समीक्षा, स्वरोजगार योजनाओं को गति देने के निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) एवं विशेष जिला परामर्श समिति (डीसीसी) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय समावेशन, वार्षिक ऋण योजना, कृषि एवं एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह, सरकारी प्रायोजित योजनाओं की प्रगति तथा ऋण वितरण एवं वसूली की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक का संचालन एवं स्वागत भाषण अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) भूपेंद्र मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक जनपद में कुल 9,420.11 करोड़ रुपये जमा (डिपॉजिट) तथा 6,853.23 करोड़ रुपये अग्रिम (एडवांस) दर्ज किए गए हैं। जनपद का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात 72.75 प्रतिशत रहा, जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत के मानक तथा प्रदेश के औसत 59.63 प्रतिशत से अधिक है।
एलडीएम ने बताया कि प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत जनपद में 4,225.53 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। इसमें कृषि क्षेत्र को 2,463.10 करोड़ रुपये, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को 1,553.09 करोड़ रुपये तथा व्यापार एवं सेवा क्षेत्र को 209.34 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है। यह कुल अग्रिम का 61.65 प्रतिशत है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), पीएम सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा पीएम स्वनिधि योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने बैंकों को ऋण वसूली में तेजी लाने, अनुत्पादक परिसंपत्तियों (एनपीए) को कम करने, वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने तथा जनपद में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी संदीप मिश्रा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक विवेक त्रिपाठी, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त नीरज सिंह, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जाकिर, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक समन्वयक तथा जनपद के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




