स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार के निर्देश
एनसीडी जांच का दायरा बढ़ाने, टीकाकरण में तेजी और पात्र लाभार्थियों को समय से योजनाओं का लाभ देने पर जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में 26 सितंबर को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच की समीक्षा के दौरान जांच का दायरा बढ़ाने को कहा गया। पनियरा, निचलौल और नौतनवा में एनसीडी उपचार की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर चिन्हित लाभार्थियों का उपचार सुनिश्चित करते हुए प्रगति में सुधार के निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव और मातृ स्वास्थ्य पर जोर
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा पात्र लाभार्थियों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मातृ मृत्यु से जुड़े मामलों की अनिवार्य और प्रभावी रिपोर्टिंग पर भी जोर दिया गया। वहीं निचलौल और लक्ष्मीपुर विकासखंडों में शल्य प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
निचलौल और पनियरा में टीकाकरण की होगी विशेष निगरानी
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निचलौल और पनियरा में प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को दोनों क्षेत्रों में प्रत्येक सप्ताह जाकर टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करने को कहा गया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निचलौल में टीकाकरण की कम प्रगति और एएनएम द्वारा यू-विन पोर्टल पर विवरण दर्ज नहीं किए जाने के मामले में संबंधित ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक का मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर एएनएम आवश्यक दवाओं और अन्य जरूरी सामग्री के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। टीकाकरण की कार्ययोजना ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और लेखपाल को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना की भी हुई समीक्षा
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में धानी, पनियरा, सदर और बृजमनगंज के लाभार्थियों का आधार आधारित सत्यापन कराने तथा संबंधित विभागों को विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से अंतःरोगी विभाग में भर्ती मरीजों की रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए। कम प्रगति वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी करते हुए विशेष प्रयास कर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था पहले भी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों में की जाती रही है; जनवरी 2026 की आधिकारिक कार्यवाही में भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की वित्तीय और भौतिक प्रगति तथा यूपी हेल्थ डैशबोर्ड की समीक्षा दर्ज है।




