69000 शिक्षक भर्ती के बीएड शिक्षकों ने 50% अंकों की अनिवार्यता हटाने की मांग उठाई
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, छह माह का ब्रिज कोर्स पूर्व निर्धारित प्रक्रिया से कराने की अपील

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी और जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में सोमवार को शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से मुलाकात कर 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों पर 50 प्रतिशत अंकों के साथ लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। इस संबंध में संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन बीएसए के माध्यम से भेजा।
संघ पदाधिकारियों ने मांग की कि ब्रिज कोर्स के स्थान पर निर्धारित की गई 50 प्रतिशत अंकों वाली परीक्षा की अनिवार्यता वापस लेकर शिक्षकों को पूर्व निर्धारित छह माह का ब्रिज कोर्स ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पूरा कराने का अवसर दिया जाए।
विभागीय देरी का खामियाजा शिक्षकों को न भुगतना पड़े: संघ
जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी और जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि 69000 भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2020 से 2022 के बीच नियुक्त लगभग 32 हजार बीएड योग्यताधारी शिक्षक पिछले पांच वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार, एनसीटीई के नियमों के तहत नियुक्ति के दो वर्ष के भीतर विभाग को छह माह का ब्रिज कोर्स कराना था, लेकिन निर्धारित समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2018 के मूल भर्ती विज्ञापन में सेवारत प्रशिक्षण पूरा करने का प्रावधान था, जबकि न्यूनतम अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त शामिल नहीं थी। ऐसे में अब ब्रिज कोर्स के स्थान पर 50 प्रतिशत अंकों वाली लिखित परीक्षा अनिवार्य किए जाने से लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों में ब्रिज कोर्स को प्रशिक्षण के रूप में पूरा कराया गया है, न कि इस तरह की परीक्षा के माध्यम से। संघ ने इस व्यवस्था को शिक्षकों के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग
ज्ञापन में संघ ने कहा कि शिक्षकों को छह माह का ब्रिज कोर्स निर्धारित प्रशिक्षण प्रक्रिया के तहत पूरा कराया जाए, ताकि उनकी सेवाओं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता दूर हो सके।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने दिव्यांग शिक्षकों के दिव्यांग वाहन भत्ते, एफएलएन (FLN) प्रशिक्षण भत्ते, प्रोन्नत वेतनमान सहित अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई।
इस अवसर पर जिला संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक, ब्लॉक अध्यक्ष धन प्रकाश त्रिपाठी, विजय प्रताप पांडेय, अरविंद गुप्ता, विजय यादव, वीरेंद्र सिंह, मंत्री मनोज वर्मा, धीरज शाही, चंद्रभूषण पटेल, तहसील अध्यक्ष दुर्गेश पांडेय, डॉ. कैलाश नाथ मौर्य, सुशील सिंह, कृष्णदेव, रजनीश दूबे, विनीता अग्रहरि, राजकिशोर, सुनील कुमार, प्रमोद कुमार, विजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार गौतम, अमर सिंह, राजन गुप्ता, विनय पांडेय, रामावतार, राहुल, जितेंद्र, राहुल यादव, द्विजेंद्र चौरसिया और मुन्ना शर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।




