बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डीएम-एसपी का निरीक्षण, 350 परिवारों के लिए राहत इंतजामों की समीक्षा
तटबंधों की पेट्रोलिंग और रेनकट-रैटहोल की मरम्मत के निर्देश, प्रभावित गांव में सामुदायिक रसोई संचालित

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिले में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल एवं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सोमवार को संवेदनशील तटबंधों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत त्रिमुहानी से हुई, जहां दोनों अधिकारियों ने रोहिन नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति देखी। जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता सिंचाई को नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और तटबंधों पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसीलदार सदर को किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखने को कहा गया।
इसके बाद डीएम और एसपी ने जर्दी डोमरा तटबंध तथा भौराबारी स्थित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को तटबंधों की सघन निगरानी करने और रेनकट व रैटहोल को चिह्नित कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों पर जरूरी सामग्री और संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
गेड़हवा में 350 परिवार बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित
निरीक्षण के अगले चरण में दोनों अधिकारी निचलौल तहसील के गेड़हवा गांव पहुंचे। यहां सिसवा विधायक की ओर से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तत्पर हैं और उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, अतिवृष्टि और नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गेड़हवा गांव में लगभग 350 परिवार बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रामीणों के लिए सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है। प्रभावित परिवारों को राशन किट और अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित स्थान चिह्नित करने के निर्देश
डीएम ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने को कहा। इसके लिए सुरक्षित स्थान चिह्नित कर वहां पर्याप्त भूसा और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ जैसे हालात वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय रहें और राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं।
वहीं, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस विभाग और क्विक रिस्पांस टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित नागरिकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी निचलौल अवनीश त्रिपाठी, तहसीलदार सदर पंकज शाही, तहसीलदार निचलौल अमित सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




