साइबर ठगी के शिकार युवक को मिली राहत, चौक थाना साइबर सेल ने वापस कराए 10 हजार रुपये
बैंक से समन्वय कर पुलिस ने दिलाई पूरी धनराशि, पीड़ित ने जताया आभार

महराजगंज।(न्यूज पैच)। महराजगंज। साइबर ठगों ने खाते से दस हजार रुपये उड़ा दिया था। इसे लेकर पीड़ित की ओर से साइबर सेल में समय रहते शिकायत दर्ज कराई गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को दस हजार रुपये उसके खाते में वापस कराया।
मिली जानकारी के अनुसार, चौक थाना क्षेत्र के टीकर गांव के रहने वाले नईमुद्दीन अंसारी के साथ 13 सितंबर 2025 को साइबर ठगी हुई थी। उनके खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दिया। नईमुद्दीन ने बताया की मोबाइल पर बिजली बिल में सुधार कराने का एक लिंक आया था। उसे क्लिक कर दिया था। इसके बाद उसमें जरूरी जानकारी भरता चला गया। कुछ समझ में नहीं आया। लगा की समस्या का समाधान करने के लिए यह व्यवस्था बनी है। एक एक कर सभी जानकारी दर्ज करने के बाद सबमिट किया तो ओटीपी आया। ओटीपी भरने के एक घंटे बाद मोबाइल पर मैसेज आया की 10,000 रुपये खाते से कट गया।
इसकी जानकारी होने पर बगैर देरी किए सीधे थाने पहुंचकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम की ओर से जांच पड़ताल की गई। शनिवार को साइबर सेल की ओर से रकम खाते में वासप करा दिया गया। चौक थाने के उप निरीक्षक अंकित राय ने बताया कि पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसे संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते में रकम वापस करा दिया गया है। लोगों से अपील है की किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अन्यथा समस्या हो सकती है। अगर साइबर ठगी हो जाए तो साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता और जागरूकता। कभी भी किसी अनजान कॉल पर अपना बैंक पासवर्ड, ओटीपी (OTP), या यूपीआई पिन (UPI PIN) साझा न करें। किसी भी लुभावने लिंक पर क्लिक न करें और मोबाइल में संदिग्ध स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स (जैसे Anydesk, Teamviewer) इंस्टॉल न करें।
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामले में, त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें। अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करें। अपने बैंक को फ्रॉड की जानकारी दें ताकि वे समय पर आपके खाते को फ्रीज कर सकें या ट्रांजैक्शन को रोक सकें।
इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक अंकित कुमार राय, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए प्रिया सिंह तथा कांस्टेबल विशाल प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।




