वीबी-जी राम जी योजना को लेकर महराजगंज में पंच सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों को दी गई विस्तृत जानकारी
100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी, मानसून में कृषि कार्य प्रभावित न हों इसलिए काम में ब्रेक का प्रावधान

महराजगंज।(न्यूज पैच)। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों को गति देने तथा वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को जनपद के विभिन्न विकास खंडों में पंच सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सम्मेलनों में ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, पंचायत सचिवों सहित योजना से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने प्रतिभाग किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को योजना के प्रावधानों, उद्देश्यों तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देना रहा, ताकि योजना का लाभ पात्र ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
पंचायतों को बताया गया योजना का स्वरूप
पंच सम्मेलन में अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों को वीबी-जी राम जी योजना और मनरेगा के बीच रोजगार एवं कार्यों के स्वरूप, संख्या तथा प्रभावकारिता में अंतर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधियों को बताया गया कि योजना को ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी तरीके से लागू किया जाना है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। गांवों में संचालित विकास एवं रोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारने में ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों और पंचायत सचिवों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पंचायतों की इसी अहम भूमिका को देखते हुए पंच सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।
100 नहीं, अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
सम्मेलन में योजना की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था पर विशेष रूप से जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत मनरेगा में निर्धारित 100 दिन के रोजगार की तुलना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही योजना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भारतीय जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए मानसून सत्र के दौरान कार्यों में ब्रेक का प्रावधान भी रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कृषि कार्य प्रभावित न हों और ग्रामीण परिवार रोजगार तथा खेती के बीच बेहतर तालमेल बना सकें।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से योजना की मूल भावना को समझते हुए पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पंचायत स्तर पर इसकी प्रक्रिया स्पष्ट, पारदर्शी और जरूरतमंद लोगों के हित में हो। पंचायत प्रतिनिधियों से स्थानीय जरूरतों के आधार पर कार्यों की प्राथमिकता तय करने की भी अपेक्षा की गई।
समस्याओं और सुझावों पर भी हुआ मंथन
जनपद के सभी विकास खंडों में आयोजित सम्मेलनों के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने योजना के प्रावधानों, उद्देश्यों, क्रियान्वयन प्रक्रिया और पंचायत स्तर पर अपेक्षित भूमिका के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान योजना के क्रियान्वयन में संभावित समस्याओं पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई और उनके सुझाव भी लिए गए। पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आगामी कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर जोर
सम्मेलन में आने वाले समय में योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर विशेष जोर दिया गया। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन, पंचायत स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को गति देने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान विभिन्न विकास खंडों में माननीय विधायकगण सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर सहभागिता की।
गांवों के विकास में पंचायतों की भूमिका अहम
पंच सम्मेलन के माध्यम से प्रशासन ने पंचायत प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को सफल बनाने में पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। अब योजना के प्रावधानों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत स्तर पर कार्यों की प्राथमिकता, पारदर्शिता और पात्र लोगों तक रोजगार के अवसर पहुंचाना प्रमुख चुनौती होगी।




