Uncategorized

प्रोजेक्ट पहचान से बदलेगा बच्चों का भविष्य

0 से 6 वर्ष के बच्चों की दिव्यांगता और विकासात्मक समस्याओं की होगी समयबद्ध पहचान, उपचार और पुनर्वास पर जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिले में 0 से 6 वर्ष आयु के बच्चों में दिव्यांगता, विकासात्मक बाधाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय से पहचान कर उन्हें उपचार एवं पुनर्वास से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे ‘प्रोजेक्ट पहचान’ को प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में रतनपुर, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, फरेंदा, धानी और घुघली विकासखंडों की एएनएम के साथ बैठक हुई।

बैठक में ग्राउंड लेवल पर सर्वे को प्रभावी बनाने और ऐसे बच्चों को समय रहते चिन्हित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें जन्मजात दिव्यांगता, विकासात्मक समस्या अथवा ऐसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, जिसका समय पर उपचार न होने पर उनके शारीरिक, मानसिक या बौद्धिक विकास पर असर पड़ सकता है।

एएनएम को सौंपी अहम जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने एएनएम को अभियान की सबसे महत्वपूर्ण ग्राउंड लेवल कड़ी बताते हुए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में कोई भी जरूरतमंद बच्चा चिन्हित होने से छूटना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में किसी समस्या की पहचान होने पर समय से उपचार, पुनर्वास और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे बच्चे के भविष्य को बेहतर दिशा देने में मदद मिलेगी।

सिर्फ पहचान नहीं, समग्र विकास लक्ष्य

डीएम ने स्पष्ट किया कि ‘प्रोजेक्ट पहचान’ का उद्देश्य केवल बीमारी या दिव्यांगता की पहचान करना नहीं है। प्रत्येक चिन्हित बच्चे को उपचार, पुनर्वास, शिक्षा, पोषण और विकास से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी अभियान का हिस्सा है।

बच्चों की पहचान के बाद उनके उपचार और पुनर्वास की स्थिति के साथ-साथ योजनाओं से लाभान्वित होने और आगे के विकास की भी निरंतर निगरानी की जाएगी।

कई विभाग मिलकर करेंगे काम

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। स्वास्थ्य विभाग को परियोजना का नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि अन्य संबंधित विभाग सहभागी की भूमिका निभा रहे हैं।

बैठक में जिलाधिकारी ने एएनएम से सीधे संवाद कर क्षेत्र में सर्वे के दौरान आने वाली चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।

समय पर पहचान से बदलेगा बच्चे का भविष्य

‘प्रोजेक्ट पहचान’ जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अभिनव पहल है। इसका उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के ऐसे बच्चों को समय रहते चिन्हित करना है, जिनकी किसी दिव्यांगता या बीमारी का समय पर उपचार न होने से उनका विकास प्रभावित हो सकता है।

जिलाधिकारी ने सभी एएनएम से अभियान को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय पर की गई एक पहचान किसी बच्चे के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकती है।

बैठक में सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

News Patch desk

News Patch का डेस्क अनुभवी और समर्पित पत्रकारों की एक टीम है, जो 24×7 सटीक, तेज और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए कार्यरत है। डेस्क टीम का मुख्य उद्देश्य हर खबर को तथ्यों के साथ परखकर, निष्पक्ष और संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना है। डेस्क पर कार्यरत पत्रकारों को विभिन्न बीट्स—जैसे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दे, और ब्रेकिंग न्यूज़—का गहरा अनुभव है। टीम लगातार बदलते न्यूज़ ट्रेंड्स पर नजर रखती है और हर महत्वपूर्ण अपडेट को तुरंत कवर करती है। News Patch Desk की विशेषता उसकी गति और विश्वसनीयता है। टीम आधुनिक डिजिटल टूल्स और मजबूत संपादकीय प्रक्रिया के माध्यम से खबरों की गुणवत्ता बनाए रखती है। हर खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। डेस्क टीम का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को जागरूक और सूचित रखना है, ताकि वे सही जानकारी के आधार पर अपने विचार बना सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!