एफएलएन प्रशिक्षण में नवीन निपुण लक्ष्यों पर मंथन, आधुनिक शिक्षण विधियों से दक्ष हुए शिक्षक

महराजगंज।(न्यूज पैच)। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) एवं एनसीईआरटी आधारित पाठ्य पुस्तकों पर केंद्रित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पनियरा में हुआ। प्रशिक्षण में दो बैचों में 50-50 सहित कुल 100 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन बालवाटिका से कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित नवीन निपुण लक्ष्यों, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों को बच्चों में भाषा एवं गणितीय समझ विकसित करने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराया गया।
प्रथम सत्र में निपुण भारत मिशन की रणनीति के तहत संदर्शिका आधारित शिक्षण, प्रिंट-रिच सामग्री, टीएलएम (Teaching Learning Material) का प्रभावी उपयोग, शिक्षण डायरी, नवाचार आधारित शिक्षण रणनीतियां, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण तथा संकुल बैठकों में पीयर लर्निंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षकों ने विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर एवं लाइब्रेरी के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों में पठन-पाठन की आदत विकसित करने, समाचार पत्रों के नियमित अध्ययन, लेखन कौशल के विकास तथा कक्षा 1 से 8 तक दीक्षा पोर्टल के उपयोग पर भी विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान निपुण 2.0 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि बालवाटिका से कक्षा पांच तक के प्रत्येक विद्यार्थी को हिंदी, गणित, अंग्रेजी एवं पर्यावरण अध्ययन के निर्धारित अधिगम परिणामों के अनुरूप दक्ष बनाना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
प्रथम दिन ‘वीणा’ पाठ्यपुस्तक की अवधारणा और उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण का संचालन अरविंद पांडेय एवं अवनीश उपाध्याय ने किया।
इस अवसर पर वरेश कुमार, केसरी नंदन सिंह, नर्वदेश्वर पटेल, यमेशधर दूबे, प्रणव द्विवेदी, अनूप रंजन गुप्ता, अविनाश चौधरी, संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।




