बूथ सम्मेलन के जरिए सियासी जमीन को उपजाऊ बना रही भाजपा
कार्यकर्ताओं तक सीधे पहुंच रही पार्टी हाई कमान की बात, आने वाले दिनों में चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी कमर कस कर तैयार

रिपोर्ट – सुनील कुमार श्रीवास्तव
महराजगंज।(न्यूज पैच)। भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश में बूथ सम्मेलन के जरिए पार्टी हाई कमान की बातों को सीधे पहुंचाया जा रहा है। कार्यकर्ता भी इसे लेकर उत्साहित हैं। सम्मलेन में बूथ अध्यक्षों को उनके कार्य व महत्व के बारे में बताया जा रहा है। सियासी जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी है।
जिले की 30 लाख की आबादी में पांच विधानसभा क्षेत्र है। फरेंदा विधानसभा को छोड़ दिया जाय तो सभी भाजपा के खाते में हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में पांच सीटों को भाजपा के खाते में दर्ज कराने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। पनियरा, सदर, सिसवा, पनियरा, नौतनवा विधानसभा है। बूथ सम्मेलन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता कहते हैं कि पार्टी बेहतर ढंग से तैयारी करती है। पार्टी की नीति रीति से सभी कार्यकर्ता भलीभांति अवगत हैं। उनको सभी दिशा निर्देशों के बारे में अवगत कराया जाता है। चाहे वर्चुअल बैठक हो या फिर कार्यालय में चर्चा, सभी गतिविधियों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने का प्रयास किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी के लिए तो महराजगंज जनपद काफी बेहतर माना जाता है। यहां तो जिले के स्थापना काल दो अक्तूबर 1989 से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट भाजपा के पास है। इसी तरह से विधानसभा में भी उतार चढ़ाव के साथ ही पार्टी का दबदबा बना रहता है। इस बार अयोध्या का मामला और नीट को लेकर हो रही कीरकीरी से बचने से पार्टी की ओर से बचाव का तरिका भी अख्तियार किया गया है। बूथ सम्मेलन के बहाने पार्टी को अपनी ताकत का अहसास करने का मौका मिला है। इससे विरोधी दलों की बेचैनी बढ़ गई है। क्योंकि जिले के सभी विधानसभा में बूथ अध्यक्षों की मौजूदगी देखकर अंदाजा लगाया जा रहा की पार्टी की ओर से तैयार बेहतर की जा रही है।
सदर विधानसभा के विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने बताया कि बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में पार्टी नीतियों समेत अन्य जरूरी दिशा निर्देशों के बारे में बताया गया। भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। सिर्फ भाजपा में ही छोटे कार्यकर्ता को बड़ा पद मिल सकता है। कार्यकर्ता पूरे मनोयोग दायित्व निर्वहन में जुटे हैं।




