प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के स्थायी पात्रता सूची निर्माण को लेकर प्रशिक्षण सम्पन्न
ग्राम पंचायतों में 15 जून से शुरू होगी सत्यापन बैठकें

महराजगंज।(न्यूज पैच)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 की स्थायी पात्रता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरावल ने की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, सभी सहायक विकास अधिकारी, ग्राम सचिव, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं आवास सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के तहत प्रारंभिक सर्वे कार्य जनवरी 2025 से 15 मई 2025 तक कराया गया था। बाद में भारत सरकार के निर्देशानुसार नए लाभार्थियों का डेटा कैप्चर करने के लिए समय सीमा बढ़ाकर 14 अक्टूबर 2025 कर दी गई, जिसके अनुसार सर्वे कार्य पूरा कराया गया।
जनपद महराजगंज में इस अभियान के तहत बड़े स्तर पर सर्वेक्षण किया गया। आंकड़ों के अनुसार 81,142 परिवारों ने स्वयं (सेल्फ सर्वे) के माध्यम से आवेदन किया, जबकि 12,914 परिवारों का सर्वे अधिकृत सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा कराया गया। इस प्रकार कुल 94,056 परिवारों का सर्वे पूरा किया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि सेल्फ सर्वे के सभी आंकड़ों का सत्यापन लेखपालों एवं ग्राम सचिवों द्वारा किया गया। वहीं आवास सॉफ्टवेयर द्वारा रैंडम आधार पर चयनित 34,707 परिवारों की जांच एडीओ स्तर के अधिकारियों द्वारा कराई गई। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 31,067 एक्सेप्टेड केस तथा 62,989 डिस्प्यूट केस में से 12,788 विवादित मामलों का पुनः सत्यापन भी कराया गया।
अब पूरी प्रक्रिया के बाद सिस्टम द्वारा पात्र लाभार्थियों की प्रारंभिक सूची तैयार कर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी द्वारा 15 जून से 29 जून 2026 तक ग्राम पंचायतों में बैठकों के आयोजन हेतु रोस्टर जारी किया गया है। इन बैठकों में ग्राम सभा के माध्यम से प्रत्येक पात्र लाभार्थी के विवरण एवं तथ्यों का पुनः सत्यापन किया जाएगा।
यदि किसी लाभार्थी से संबंधित तथ्य त्रुटिपूर्ण पाए जाते हैं तो ग्राम पंचायत स्तर पर उन्हें अपडेट करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान फोटो को एप के माध्यम से अपलोड किया जाएगा तथा ग्राम सभा की कार्यवाही को निवर्तमान प्रधान या प्रशासक एवं ग्राम सचिव के हस्ताक्षर के साथ आवास सॉफ्ट पर अपलोड किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पूरी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए ताकि वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ मिल सके और किसी भी स्तर पर शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो।




