पं. दीनदयाल इण्टर कॉलेज में पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता शिविर आयोजित, छात्र-छात्राओं को बताए गए सुरक्षा और कानूनी अधिकार
18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को कानून में माना गया है बच्चा, यौन अपराधों की सूचना देना अनिवार्य : न्यायिक अधिकारी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज के मार्गदर्शन में गुरुवार को पं. दीनदयाल इण्टर कॉलेज में बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा तथा यौन अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिला न्यायाधीश श्री संजय मिश्र ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चा माना गया है। बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस अधिनियम में विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कानून के तहत ऐसे मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग और बच्चों के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध या अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री विनोद कुमार ने कहा कि बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में डरने या चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
इस अवसर पर सिविल जज डॉ. सोनल सिंह एवं सिविल जज सुश्री विभा ने भी बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों और शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचित करना आवश्यक है, क्योंकि पॉक्सो कानून में अनिवार्य रिपोर्टिंग का प्रावधान है।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण से जुड़े अपराधों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों को बुके, शाल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
अंत में प्रधानाचार्य डॉ. सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके प्रति समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं ने अपनी सुरक्षा, अधिकारों और पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।




