वन स्टॉप सेंटर से फरार किशोरी सकुशल बरामद
किशोरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, ड्यूटी में लापरवाही पर महिला हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल निलंबित

महराजगंज।(न्यूज पैच)। वन स्टॉप सेंटर से फरार हुई 17 वर्षीय किशोरी को पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। मामले में थाना कोतवाली महराजगंज में किशोरी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर दो महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
पुलिस के अनुसार बृजमनगंज क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 13 जुलाई 2026 को अपनी 17 वर्षीय पुत्री के घर से लापता होने की सूचना थाने में दी थी। इस संबंध में मुकदमा संख्या 174/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश की जा रही थी।
बांसी बस स्टैंड से हुई थी बरामद
विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी को 14 अगस्त को सिद्धार्थनगर के बांसी बस स्टैंड से बरामद किया था। आवश्यक चिकित्सीय और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे नियमानुसार वन स्टॉप सेंटर, महराजगंज में दाखिल कराया गया था।
पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त को किशोरी नित्यक्रिया जाने के बहाने चकमा देकर वन स्टॉप सेंटर से निकल गई। इसकी सूचना मिलते ही बृजमनगंज पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने तत्काल तलाश शुरू कर दी।
समन्वित प्रयास से मिली सफलता
दोनों टीमों के संयुक्त प्रयास से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मामले में थाना कोतवाली पर किशोरी के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं वन स्टॉप सेंटर में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में एक महिला हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल को निलंबित किया गया है।
पुलिस टीम ने संभाली कमान
किशोरी की बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक तारकेश्वर वर्मा, उपनिरीक्षक राजन पासवान, कांस्टेबल अखिलेश यादव द्वितीय, अनुज पोद्दार, विकास पाण्डेय और महिला कांस्टेबल अस्मिता पाण्डेय शामिल रहीं।
वन स्टॉप सेंटर की ओर से महिला उपनिरीक्षक राजकुमारी शुक्ला और महिला कांस्टेबल सविता गुप्ता ने भी अभियान में सहयोग किया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
किशोरी के वन स्टॉप सेंटर से निकल जाने के बाद तत्काल उसे बरामद कर लिया गया, लेकिन घटना ने महिला एवं बाल सुरक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की ओर से ड्यूटी में लापरवाही के मामले में की गई निलंबन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सुरक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी तय करने को लेकर सख्ती बरती जा रही है।



