पगडंडियों से लाल मिर्च सरहद पार कर तस्कर मालामाल
सुरक्षा कर्मी नजर पड़ी तो दबोच लिए जाते तस्कर अन्यथा पलक झपकते ही सरहद पार

महराजगंज (न्यूज पैच ब्यूरो)। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी एवं मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सुरक्षा कर्मी सक्रीय हैं। बार्डर की पगडंडियों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। नेपाल भेजने के लिए रखी गई तीन बोरी मिर्च सुरक्षाकर्मियों ने बरामद की। लाल मिर्च की नेपाल में बढ़ती मांग को देखते हुए तस्कर इसे सरहद पार करने लगे हैं। सुरक्षाकर्मियों की चौकसी से बरामगदी हो गई।
जानकारी के अनुसार, 30 जून को ग्राम शेष फरेन्दा पंचायत भवन जाने वाले मार्ग पर नो-मैन्स लैंड के पास तीन साइकिल पर लावारिस अवस्था में रखी गई तीन बोरी लाल मिर्च एवं छह बोरी खुली लाल मिर्च बरामद की गई। प्रथम दृष्टया उक्त माल नेपाल राष्ट्र में अवैध रूप से तस्करी किए जाने हेतु रखा गया था। इसकी बरामदगी होने के बाद यह जानकारी मिली की तस्कर इसे सरहद पार करने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कैरियरों के जरिए इसे सरहद पार भेजा जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ती है तो दबोच लिए जाते हैं, अन्यथा तस्कर आसानी से सरहद पार हो जाते हैं।
नेपाल में सूखी लाल मिर्च की मांग और दाम दोनों भारत के मुकाबले ज्यादा हैं। वहां सब्जी, अचार और मसाला उद्योग में इसकी खपत अधिक है। भारत में 120-140 रुपये किलो बिकने वाली अच्छी क्वालिटी की मिर्च नेपाल में 200-220 रुपये नेपाली करेंसी में बिक जाती है। मुनाफा दोगुना होने के कारण सरहद के तस्कर अब चावल, खाद और कपड़े के साथ-साथ मसालों की तस्करी में भी जुट गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, तस्कर अब छोटे-छोटे कैरियरों को 10-15 किलो की खेप देकर पगडंडी के रास्ते भेजते हैं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कैरियर बनाकर बॉर्डर पार कराते हैं ताकि शक न हो। दिन में खेतों में छुपाकर रखते हैं और रात होते ही नो-मैन्स लैंड पार कर देते हैं। बार्डर पर ड्रोन, नाइट विजन कैमरा और डॉग स्क्वॉड की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को तस्करी के दुष्परिणाम बताए जा रहे हैं। जो ग्रामीण सूचना देंगे, उनका नाम गोपनीय रखने की बात कही जाती है।
भारत-नेपाल की 84 किमी खुली सीमा महराजगंज जिले से लगती है। रोटी-बेटी का संबंध होने के कारण आवाजाही आम है, पर इसी का फायदा तस्कर उठाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई से तस्करों के मंसूबे फेल हो रहे हैं, मगर तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि सरहद पर निगरानी तेज कर दी गई है। कहीं संदिग्ध गतिविधि दिखने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।




