राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, पांच साल से पुराने राजस्व वादों के निस्तारण के निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं सीएम डैशबोर्ड से संबंधित राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली, लंबित राजस्व वादों, आईजीआरएस शिकायतों और सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने मंडी समिति, खाद्य एवं औषधि प्रसंस्करण, खाद्य पदार्थ, गन्ना भुगतान, डूडा आवास, पीएम स्वनिधि, अमृत सरोवर, अधिवास, आय-जाति प्रमाण पत्र, राजस्व वादों के निस्तारण, एंटी-भू-माफिया अभियान, मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना बीमा, स्वामित्व योजना, एआरटीओ, खनन, स्टांप और आईजीआरएस समेत विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की।
पांच साल से अधिक पुराने मुकदमों पर डीएम की सख्ती
बैठक में राजस्व वादों की तहसीलवार समीक्षा के दौरान धारा 24, 34 और 116 के मामलों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिया कि इन धाराओं से संबंधित लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि कोई भी मुकदमा किसी भी स्थिति में पांच वर्ष से अधिक समय तक लंबित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों के निस्तारण की गति बढ़ाने को कहा।
सड़क किनारे अतिक्रमण पर चलेगा अभियान
नगर निकायों में सड़क किनारे किए गए अनधिकृत अतिक्रमण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अभियान चलाकर सड़क के किनारे अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को हटाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ संबंधित मामलों में नियमानुसार शासकीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर निकायों में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
आईजीआरएस में शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर जोर
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ शिकायतकर्ता के संतुष्टि फीडबैक को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संतुष्टि फीडबैक अवश्य लिया जाए और इसमें सुधार लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान से संतुष्ट करना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश
बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के लिए लंबित मामलों की नियमित समीक्षा, लक्ष्य आधारित कार्रवाई और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने पर जोर
जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड की विभागवार रैंकिंग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद की समग्र रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे अपनी कमियों को चिन्हित कर तत्काल सुधार करें, ताकि जनपद की रैंकिंग में गिरावट न आए।
डीएम ने अधिकारियों से योजनाओं और विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने को कहा।
कई विभागों की योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान गन्ना किसानों के भुगतान, डूडा आवास, पीएम स्वनिधि, अमृत सरोवर, एंटी-भू-माफिया अभियान, मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना बीमा और स्वामित्व योजना समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आबकारी अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक कामकाज में गति और जवाबदेही बढ़ाने का संदेश
बैठक में जिलाधिकारी के निर्देशों से स्पष्ट रहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि राजस्व वसूली, लंबित मुकदमों के निस्तारण, शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान, अतिक्रमण नियंत्रण और सरकारी योजनाओं की प्रगति में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब अधिकारियों के सामने इन निर्देशों को धरातल पर उतारकर जनपद की प्रशासनिक रैंकिंग और कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चुनौती है।




