वायरल फीवर का बढ़ता खतरा—समय पर इलाज ही बचाव
केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 13 अगस्त से विशेष चिकित्सा पखवाड़े की शुरुआत, मरीज किफायती दर पर करा सकेंगे जांच, परामर्श एवं उपचार — विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मिलेगी चिकित्सा सुविधा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। बरसात और बदलते मौसम के साथ जिले में वायरल फीवर एवं मौसमी संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केएमसी मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल द्वारा 13 अगस्त से विशेष चिकित्सा पखवाड़े की शुरुआत की जा रही है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य वायरल फीवर से परेशान मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधा किफायती दर पर उपलब्ध कराना है।
केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में तापमान और नमी में बदलाव, दूषित पानी एवं भोजन तथा संक्रमण के संपर्क में आने के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। शुरुआत में वायरल फीवर के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम या मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली कमजोरी जैसे दिखाई दे सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं दवा लेना शुरू कर देते हैं।
हल्का बुखार भी हो सकता है संकेत—-
वायरल फीवर में सामान्यतः बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक थकान, कमजोरी, गले में खराश, खांसी, नाक बहना या बंद होना तथा भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी, दस्त या शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हर बुखार वायरल नहीं होता। बुखार के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए लगातार बुखार रहने, स्थिति बिगड़ने या असामान्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराना बेहद जरूरी है।
बुखार को हल्के में न लें—- विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बुखार को सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि— बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें , शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें ,साफ एवं सुरक्षित पानी का सेवन करें,पौष्टिक एवं हल्का भोजन लें,बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें ,लगातार या तेज बुखार होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करें, बच्चों, बुजुर्गों तथा कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखें ,आसपास साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
केएमसी में 24×7 चिकित्सा सुविधा—- केएमसी प्रशासन ने बताया कि केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में वायरल फीवर एवं मौसमी संक्रमण से संबंधित मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी। मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यकतानुसार जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। अस्पताल में ब्लड टेस्ट सहित आवश्यक जांच एवं डायग्नोसिस की सुविधा, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तथा जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। बच्चों और बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष देखभाल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन विभाग 24×7 तैयार रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सके।
विशेष चिकित्सा पखवाड़े का उद्देश्य– केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल प्रशासन के अनुसार इस विशेष चिकित्सा पखवाड़े का उद्देश्य केवल मरीजों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि लोगों को वायरल फीवर और मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करना भी है। अभियान के दौरान मरीजों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर जांच कराने की आवश्यकता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेने के बारे में जानकारी दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि समय पर पहचान, सही जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से अधिकांश मौसमी संक्रमणों का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जा सकता है। इसलिए लोगों को बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
13 अगस्त से शुरू होगा विशेष अभियान—- केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 13 अगस्त से विशेष चिकित्सा पखवाड़ा शुरू किया जा रहा है। इस दौरान वायरल फीवर से संबंधित समस्या वाले मरीज किफायती दर पर चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। केएमसी प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मौसम में बदलाव के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और बुखार या संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।




