भारत-नेपाल सीमा पर सीमा शुल्क एजेंटों का विवाद गहराया, व्यापार कई दिनों से ठप
भारतीय एजेंटों के समर्थन में उतरे व्यापारी, नेपाल के नए नियम का विरोध तेज, समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

रिपोर्ट: अरविंद मिश्र
सोनौली, महराजगंज।(न्यूज पैच)। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर सीमा शुल्क (कस्टम) एजेंटों को लेकर उत्पन्न विवाद अब गहराता जा रहा है। दोनों देशों के सीमा शुल्क एजेंटों के बीच बढ़े मतभेद के चलते पिछले कई दिनों से भारत और नेपाल के सीमा शुल्क कार्यालयों का कामकाज प्रभावित है, जिससे दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापार भी ठप पड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल के भंसार (कस्टम) एजेंट संघ ने ऐसे भारतीय एजेंटों के नेपाल स्थित भंसार कार्यालय में कार्य करने का विरोध शुरू कर दिया है, जो नेपाली नागरिक नहीं हैं। संघ का कहना है कि केवल नेपाली नागरिकों को ही वहां कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर संघ ने संबंधित अधिकारियों पर भी दबाव बनाया है।
दूसरी ओर, वर्षों से नेपाल के सीमा शुल्क कार्यालयों में कार्य कर रहे भारतीय एजेंटों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यदि यह व्यवस्था लागू की जाती है तो अनेक भारतीय एजेंटों की आजीविका प्रभावित होगी। उनका आरोप है कि यह निर्णय उनके रोजगार के अधिकारों पर सीधा आघात है।
इसी विवाद के विरोध में भारतीय सीमा शुल्क एजेंटों ने कामकाज बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के कारण भारत-नेपाल सीमा से होने वाला आयात-निर्यात प्रभावित हो गया है, जिससे व्यापारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय सीमा शुल्क एजेंटों के प्रतिनिधि रतन गुप्ता ने कहा कि जब तक नेपाल भंसार एजेंट संघ और संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता कर इस निर्णय को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
उधर, मामले के समाधान के लिए नेपाल की राजधानी काठमांडू में उच्चस्तरीय बैठक होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि बैठक में नेपाल भंसार एजेंट महासंघ के पदाधिकारियों के साथ संबंधित मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होकर विवाद के समाधान पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
भारतीय एजेंटों के आंदोलन को स्थानीय व्यापारियों का भी समर्थन मिल गया है। सोनौली नगर के वरिष्ठ व्यापारी सुभाष जायसवाल ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह हजारों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि दशकों से इस व्यापार से जुड़े एजेंटों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा, इसलिए दोनों देशों की सरकारों को संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र समाधान निकालना चाहिए।
व्यापारियों ने भारत सरकार और नेपाल सरकार से अपील की है कि सीमा पार व्यापार और रोजगार से जुड़े इस विवाद का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि भारत-नेपाल के बीच सामान्य व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकें।




