सीएमओ ने स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सत्रों का किया निरीक्षण, शत-प्रतिशत टीकाकरण और विटामिन-ए कवरेज पर दिया जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में संचालित एकीकृत ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्रों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद ने मंगलवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों तथा आयुष्मान और आभा आईडी निर्माण की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज के अंतर्गत पकड़ी नोनिया में आयोजित छाया एकीकृत ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस सत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.पी. सिंह और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भागवत सिंह भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान एएनएम बृजनंदनी सिंह सत्र का संचालन करती मिलीं, जबकि आशा कार्यकर्ता सरोज तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सरोज मौर्या भी उपस्थित थीं। समीक्षा में पाया गया कि ड्यू लिस्ट में छह बच्चों और पांच गर्भवती महिलाओं का नाम दर्ज था, लेकिन 10 वर्ष और 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का विवरण पूर्ण रूप से अंकित नहीं किया गया था। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि ड्यू लिस्ट में दर्ज सभी लाभार्थियों को सत्र स्थल तक लाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी बच्चा अथवा गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित रूप से रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, मूत्र में शुगर एवं प्रोटीन की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
सीएमओ ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश देते हुए योग्य दंपत्तियों को जागरूक एवं प्रेरित करने पर बल दिया। साथ ही क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति की आभा आईडी तथा पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अभियान चलाने को कहा।
निरीक्षण के समय दो गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका था, जबकि चार बच्चों को टीके लगाए जा चुके थे। इसके अलावा विटामिन-ए अनुपूरण कार्यक्रम के तहत 15 बच्चों को खुराक दी जा चुकी थी। सीएमओ ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के नौ माह से पांच वर्ष तक आयु वर्ग के सभी 76 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक अवश्य उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को नवजात शिशुओं के लिए संचालित होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (एचबीएनसी) कार्यक्रम को गंभीरता से लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि जन्म के बाद 42 दिनों तक बच्चों की नियमित घर-घर निगरानी सुनिश्चित की जाए।
इसके बाद अपराह्न लगभग 1:50 बजे मुख्य चिकित्साधिकारी ने बरवा फहीम क्षेत्र के अंतर्गत खुटहा बाजार उपकेंद्र पर आयोजित एकीकृत ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्र का भी निरीक्षण किया। यहां एएनएम अनुराधा सिंह, आशा कार्यकर्ता रीता तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री कमलावती सत्र का संचालन करती मिलीं।
समीक्षा में बताया गया कि ड्यू लिस्ट में 16 बच्चों और 14 गर्भवती महिलाओं का नाम दर्ज है। निरीक्षण के समय तक 32 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जा चुकी थी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने यहां भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक पात्र बच्चे और गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
प्रमोद कुमार मौर्य




