निर्माण कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, समयसीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज निर्माण कार्यों की समीक्षा, कार्यदायी संस्थाओं को दी चेतावनी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में संचालित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरावल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्माण कार्यों की स्थिति, समयसीमा और परियोजनाओं में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए ताकि उनका उपयोग शुरू हो सके।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में समयसीमा बढ़ाने की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभागाध्यक्षों से व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क कर समयावधि बढ़वाने की कार्रवाई की जाए और उसके बाद तय अवधि के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थावार परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में प्रशासनिक या तकनीकी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो संबंधित विभाग आवश्यकता अनुसार उनके स्तर से अर्धशासकीय पत्र जारी कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, डीएफओ निरंजन सुर्वे राजेंद्र, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद माना जा रहा है कि जनपद में लंबित निर्माण परियोजनाओं को अब तेजी से पूरा कराने की दिशा में कार्यदायी संस्थाओं पर दबाव बढ़ेगा।




