जनपद के झरुआ घाट को मिली सेतु की सौगात,पंकज चौधरी की पहल से अब बहुरेंगे दर्जनो गांव के हालात,आवागमन होगा आसान
रोहिन नदी पर 305.18 लाख की लागत से सेतु निर्माण, 2025-26 में 61.04 लाख का बजट जारी। चार अन्य लघु सेतुओं को भी मंजूरी, दर्जनों गांवों की आवागमन समस्या होगी दूर।

महराजगंज।(न्यूज पैच)। राज्य योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा गोरखपुर क्षेत्र में स्वीकृत 14 लघु सेतुओं में महराजगंज जनपद को बड़ी सौगात मिली है। इस उपलब्धि के पीछे केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के सतत प्रयासों को अहम माना जा रहा है। जिले की सबसे प्रमुख परियोजना भगवानपुर-अमहवां झरुआ घाट पर प्रस्तावित सेतु निर्माण की है, जिसे प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है।
झरुआ घाट पर रोहिन नदी के ऊपर बॉक्स कलवर्ट सेतु, पहुंच मार्ग एवं अतिरिक्त संपर्क मार्ग निर्माण के लिए कुल 305.18 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए 61.04 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
यह सेतु क्षेत्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। इसके निर्माण से चन्नेपुर, भगवानपुर, बसंतपुर, राजापुर सहित रोहिन नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बरसात के समय नदी पार करने में होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलेगी और आवागमन सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों के लिए यह परियोजना वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी।
इसके अलावा महराजगंज जनपद में चार अन्य लघु सेतु निर्माण कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें परासखाड़-लेजार महदेवा मार्ग पर 94.82 लाख रुपये (18.96 लाख आवंटन), चटिया-करजहा मार्ग पर 49.36 लाख रुपये (9.87 लाख आवंटन), हनुमानगढ़ी-भिटौली मार्ग पर 66.14 लाख रुपये (13.23 लाख आवंटन) तथा सीएसएनटीएन मार्ग (किमी-6) पर 174.60 लाख रुपये (34.92 लाख आवंटन) की परियोजनाएं शामिल हैं। इन सभी योजनाओं से जिले के संपर्क मार्गों का विस्तार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात की सुविधा बेहतर होगी।
झरुआ घाट सेतु निर्माण की स्वीकृति पर पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी तथा भाजपा प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। पलटू यादव, दिलीप चौधरी, नरेंद्र सिंह, रामसेवक जायसवाल और ब्रह्मानंद सहित कई लोगों ने कहा कि यह सेतु क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगा।




