एआरटीओ ने मोडिफाइड साइलेंसर को लेकर किया दुकानो का औचक निरीक्षण, वाहन स्वामियों को अनाधिकृत मोडिफाइड करने पर दी मोटरयान अधिनियम के कार्यवाही की हिदायत

महराजगंज।(न्यूज पैच)। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज सिंह द्वारा मॉडिफाइड साइसेंसर के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यवाही को लेकर दुकानो का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फरेंदा–आनंदनगर में विभिन्न मोटरसाइकिल गैराज, डेकोरेशन शोरूम, मोटर साइकिल शोरूम का औचक निरीक्षण कर मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री की जांच की। जांच में कहीं भी मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं मिला।
एआरटीओ ने इस दौरान दुकान स्वामियों को जागरूक करते हुए कहा कि जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने मोटरयान में अनाधिकृत मॉडिफाईड करते हुए ऐसा परिवर्तन किया जाता है, तो उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (4) के अर्न्तगत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। धारा 182ए (4) के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ऐसी अवधि के कारावास से जो छः माह तक की हो सकती है, अथवा ऐसे प्रत्येक परिवर्तन के लिए पाँच हजार रूपये तक के जुर्माने से अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। जो कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में ऐसा मोटर यान चलाएगा, अथवा चलाने देगा जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण एवं वायु प्रदूशण के संबंध में विहित मानकों का उल्लंघन होता है, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अन्र्तगत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। धारा 190 (2) के तहत संबंधित व्यक्ति प्रथम अपराध के लिए तीन माह तक के कारावास अथवा दस हजार रूपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडनीय होगा और तीन माह की अवधि के लिए अनुज्ञप्ति (लाईसेंस) धारण करने हेतु निरहित हो जाएगा।
इससे पूर्व दिनांक 17 अप्रैल 2026 को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, महराजगंज के समस्त डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशाप संचालकों के साथ उपसंभागीय परिवहन कार्यालय प्रांगण में बैठक आयोजित की गई तथा उन्हें विधिक प्रावधानों से अवगत कराया गया कि मॉडिफाईड साईलेंसर, प्रेशर हार्न अथवा हूटर की बिक्री एवं स्थापना करने वाले मोटर गैराज/वर्कशाप आदि युक्त वाहनों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (3) के अन्र्तगत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, धारा 182ए (3) के तहत वर्कशाप / गैराज संचालकों पर रू0 1,00000/- (एक लाख रूपये) प्रति संघटक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है। इस जुर्माना के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उनके ऊपर के अधिकारियों में निहित है।
उन्होंने कहा कि वाहन चालक या वाहन स्वामी उक्त जुर्माने का दायी होने के साथ-साथ उसका ड्राईविंग लाईसेंस तीन माह के लिए आयोग्य (Disqualified) कर दिया जाएगा, जिन वाहनों में मॉडिफाईड साईलेंन्सर/ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाए जाते है तथा जिनका चालान गया है, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 53 (1) के अन्र्तगत पंजीयन प्रमाण पत्र (आर०सी०) के निलम्बन की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
अतः जनपद महराजगंज के समस्त वाहन स्वायिमों से अनुरोध है कि मॉडिफाईड साईलेंन्सर, प्रेशर हार्न, हूटर इत्यादि की अपनी वाहन पर न लगाए अन्यथा उनके विरूद्ध नियमतः कार्यवाही की जाएगी।




