भक्तो पर बरसती है ‘मां’की कृपा अपार,धार्मिक आयोजन से वर्ष भर गुलजार रहता है अंध्या धाम

महराजगंज(न्यूज पैच)। वन्य क्षेत्र व प्राकृतिक सुन्दरता के बीच अंध्या धाम मे वर्ष भर धार्मिक आयोजन माँ दुर्गा के प्रसिद्धि की कहानी बया करते है।हरे भरे सागौन के पेडो से घिरा व शांत वातावरण में स्थित बभनौली वन्य क्षेत्र के करीब अंध्या धाम स्थित मा दुर्गा का मंदिर पर भक्तो की मन वाछित मुरादे पूरी होती है।परतावल पनियरा मार्ग पर अंध्या गांव के समीप मां दुर्गा के मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। अंध्या चौराहे से लक्ष्मीपुर देउरवा मार्ग पर करीब500मीटर उत्तर दिशा मे बेहद शांत जगह पर स्थित अंध्या धाम पर महायज्ञ कथा मुंडन भजन कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन वर्षभर देखने को मिलते है। नवरात्रि में मंदिर पर दूर दराज से लोग मां का दर्शन करने पहुचते है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित मां के मंदिर पर पहुचते ही मन को सुकुन मिलता है। अंध्या धाम मे मां दुर्गा और शिव का मंदिर भी है। श्रावण माह मे भक्त पूरे महिने जलाभिषेक करने पहुचते है। अंध्या धाम स्थित मां दुर्गा मंदिर सिद्ध योग माना जाता है। भक्त मां दुर्गा पर अटूट विश्वास करते है। नवरात्रि में भक्त मां के दरबार पहुच चुनरी नारियल चढाते है। भक्त मां के दरबार में परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, संतान और समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र में मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहता है।शारदीय नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिरों में घंटियों की गूंज, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार के कल्याण की कामना की।अंध्या धाम पहुचने के लिए परतावल से पनियरा मार्ग पर सात किमी की यात्रा तय करना पडता है।पनियरा से लगभग पांच ककिमी और लक्ष्मीपुर देऊरवा से लगभग छ किमी यात्रा कर पहुचा जा सकता है। भक्तो कि मां अध्या पर अटूट आस्था से और मां की ख्याति से मंदिर पर काफी भीड पहुच रही है।मंदिर के पुजारी राममिलन दास कहते है कि सच्चे मन से मांगी गयी हर मुराद मां पूरी करती है।




