छोटे मेडिकल स्टोरों को मिले सरकारी पोर्टल की सुविधा, फार्मेसी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से की मांग
निजी वेबसाइट और सॉफ्टवेयर के खर्च से राहत देने की अपील, दवाओं की कीमतों और DPCO नियमों के अनुपालन पर प्रभावी नियंत्रण की मांग

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिले के छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की समस्याओं को लेकर फार्मेसी एंड फार्मासिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर राहत देने की मांग की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शेषमणि गुप्ता ने पत्र के माध्यम से छोटे दवा कारोबारियों के लिए निःशुल्क विभागीय पोर्टल उपलब्ध कराने, निजी वेबसाइट बनवाने की अनिवार्यता से राहत देने तथा दवाओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोरों को अपनी बिक्री का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने और स्टॉक व बिक्री से संबंधित जानकारी अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसोसिएशन के अनुसार, जिले में ऐसे कई छोटे मेडिकल स्टोर हैं, जिनकी दैनिक बिक्री लगभग 100 से 500 रुपये तक है। सीमित आमदनी में दुकान का किराया और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल होता है। ऐसे में निजी वेबसाइट बनवाने और उसका रखरखाव करने का अतिरिक्त खर्च छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है।
निःशुल्क विभागीय पोर्टल उपलब्ध कराने की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश स्तर पर एक केंद्रीकृत, सरल और निःशुल्क विभागीय पोर्टल या ऐप उपलब्ध कराया जाए, ताकि मेडिकल स्टोर संचालक उसी के माध्यम से बिक्री और स्टॉक का विवरण दर्ज कर सकें। इससे छोटे दुकानदारों को अलग से वेबसाइट बनवाने पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
पत्र में जनपद स्तर पर औषधि निरीक्षक कार्यालय के माध्यम से दुकानदारों को पोर्टल के पंजीकरण और स्टॉक अपडेट करने के संबंध में निःशुल्क प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
दवाओं की कीमतों और DPCO नियमों पर निगरानी की मांग
एसोसिएशन ने दवाओं की कीमतों से संबंधित नियमों के प्रभावी अनुपालन पर भी जोर दिया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ कंपनियां दवाओं की कीमतों और पैकेजिंग में बदलाव कर रही हैं, जिससे छोटे कारोबारियों को परेशानी होती है। एसोसिएशन ने निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर दवाओं की बिक्री और DPCO नियमों के उल्लंघन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि नियमों के अनुपालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और प्रभावी निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि छोटे दवा कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चार प्रमुख मांगें रखीं
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से छोटे मेडिकल स्टोरों के लिए निःशुल्क विभागीय पोर्टल उपलब्ध कराने, निजी वेबसाइट के खर्च से राहत देने, पंजीकरण एवं स्टॉक अपडेट के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा दवाओं की कीमतों और DPCO नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सरकार व्यावहारिक कदम उठाएगी।




