सावन में रुठे मेघ, पम्पिंग सेट से किसान सींच रहे खेत,सूख रहे फसलो को संजीवनी देने के लिए बहा रहे है पसीना

महराजगंज।(न्यूज पैच)। तराई से इस साल मेघ रुठ गये है। सावन मे बादल उमड घुमड रहे है लेकिन पानी नही बरसा रहे है। सावन के महिने मे जहा तालाब और खेल पानी से डूबे रहते है वही इस साल बारिश न होने से तराई भीषण उमस व गर्मी से जूझ रही है। सावन मे बारिश न होनै से खेतो णे दरारे आनी शुरु हो गयी है और किसान सिंचाइ के लिए पम्पिंग सेट का सहारा लेने लगे है। पनियरा के वन क्षेत्र के किनारे बसे गांवो के खेत तेजी से सूख रहे है जिससे किसान बारिश न होने से चिंतित हो उठे है।
चुकि वनो के पेड बडी मात्रा मे पानी ग्रहण करते है जिससे जंगल के किनारे खेतो की नमी जल्दी चली जाती है। यही कारण है कि वन क्षेत्र के किनारे मिठौरा लक्ष्मीपुर देऊरवा अन्ध्या मिर्जापुर पकडी सेमरही चक रामपुर बोदरहिया चंदन चाफी आदि गांवो मे बडी संख्या मे किसान पम्पिंग सेट से सिचाई कर फसलो को संजीवनी देने का प्रयास कर रहे है।




