महराजगंज में बोले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य, गौ रक्षा के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा
गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और छात्र आंदोलनों पर भी रखी बेबाक राय

महराजगंज।(न्यूज पैच)। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को महराजगंज पहुंचे, जहां शहर के प्रिंस लॉन में आयोजित एक धार्मिक एवं जनसभा कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों, संत-महात्माओं, स्थानीय नागरिकों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान शंकराचार्य ने गौ रक्षा, धार्मिक आस्था और समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ रक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश में गौ हत्या रोकने के लिए अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार गौ माता करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और उनकी रक्षा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दायित्व भी है।
उन्होंने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए लोगों से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों का समर्थन करें जो गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा देने के पक्षधर हों। उन्होंने कहा कि जो लोग गौ माता को केवल एक पशु मानते हैं, जनता उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
शंकराचार्य ने दावा किया कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से गौ रक्षा के मुद्दे पर चर्चा की है, लेकिन इस विषय पर कोई भी दल ठोस पहल करने के लिए तैयार नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जनता भविष्य में नए विकल्पों की ओर रुख कर सकती है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की।
हाल के छात्र आंदोलनों और जंतर-मंतर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विद्यार्थियों की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारों को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संबंध में भी टिप्पणी की।
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के वक्तव्यों को लेकर समर्थकों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया, जबकि उनके राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर दिए गए बयान चर्चा का विषय बने रहे। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।




