दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी को तीन साल की सजा
13 हजार का जुर्माना 2012 की घटना, 2020 में दाखिल हुई थी चार्जशीट महिला थाना में दर्ज था मुकदमा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित न्यायालय-01 महराजगंज ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में गोरखपुर निवासी अभियुक्त को 3 वर्ष के कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियुक्त चिरामुद्दीन निवासी 412 बी कुन्तीनगर थाना गोरखपुर जनपद गोरखपुर के खिलाफ महिला थाना महराजगंज में मुकदमा डीपी एक्ट के तहत दर्ज था। साहिबा अंजुम के अनुसार 01 दिसंबर 2012 को अभियुक्त द्वारा दान दहेज के लिए मारना-पीटना, गाली-गलौज करना, प्रताड़ित करना तथा जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में सूचना 25 अक्तूबर 2019 को दर्ज कराई गई थी और 16 मई 2020 को अभियुक्त के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त चिरामुद्दीन को दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कारावास एवं 13,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर 03 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका सजा दिलाने में वादी साहिबा अंजुम और तत्कालीन महिला थाना की विवेचक उनि रंजना ओझा के बयान महत्वपूर्ण रहे। पुलिस व अभियोजन की ओर से एपीओ सौरभ कुमार सिंह, कोर्ट मोहर्रिर पप्पू यादव और पैरोकार किरन त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।




