संस्कृत संभाषण एवं व्याकरण विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ
देववाणी संस्कृत संभाषण एवं व्याकरण कार्यशाला का हुआ उद्घाटन

सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। चौक बाजार स्थित गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वस्थ्य जीवन शैली एवं आजीविका परामर्श केंद्र के तहत 15 दिवसीय संस्कृत संभाषण एवं व्याकरण कार्यशाला.का उद्घाटन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं मंगलाचरण / श्लोक: पठामि संस्कृतं नित्यं वदामि संस्कृतं सदा ध्यायामि संस्कृतं सम्यक् वन्दे संस्कृतमातरम
महाविद्यालय प्राचार्य डा. रामपाल यादव द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। प्राचार्य ने छात्र छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत को कठिन मानकर दूर रहने के बजाय इसे सरल वाक्यों के माध्यम से दैनिक बोलचाल में शामिल करना आवश्यक है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा की संवाहक संस्कृत भाषा को रटने के बजाय समझने और बोलने की व्यावहारिक कला का विकास करना है।
महाविद्यालय के मुख्य नियंता दीपेंद्र पाण्डेय ने कहा कि आम तौर पर लोग संस्कृत को एक कठिन और केवल मंत्रोच्चार की भाषा मानते हैं। यह कार्यशाला इस भ्रम को तोड़कर इसे एक जीवंत और व्यावहारिक भाषा के रूप में स्थापित करती है। प्रतिभागी सीधे संस्कृत में बातचीत करना सीखते हैं, जिससे उनके भीतर का संकोच दूर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह कार्यशाला केवल भाषाई ज्ञान नहीं देती, बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक डा. मनीषा त्रिपाठी ने किया इस अवसर पर अध्यापक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रमोद कुमार मौर्य




