जमीन के विवाद में ससुर की हत्या का आरोप, बहू समेत चार गिरफ्तार; चार घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
आंखों में मिर्च पाउडर डालकर हत्या करने का आरोप, शव ठिकाने लगाने की भी साजिश; घटना में प्रयुक्त सामान बरामद

महराजगंज।(न्यूज पैच)। फरेंदा थाना क्षेत्र में एक वृद्ध की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित बहू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर घटना का चार घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के कारण की गई। घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल के साथ साक्ष्य मिटाने में प्रयुक्त वाइपर और पोछा भी बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तथा क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में थाना फरेंदा पुलिस ने मुकदमा संख्या 210/2026 में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित शोभा गुप्ता सहित रमेश गुप्ता, धनई यादव और श्रीकांत चौहान को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि मृतक सच्चाराम गुप्ता की बहू शोभा गुप्ता अपने हिस्से की आधी जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। मृतक ने दोनों पुत्रों को बराबर हिस्सेदारी देने की बात कहते हुए तत्काल रजिस्ट्री से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला दीवानी न्यायालय में भी विचाराधीन था।
पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे शोभा गुप्ता ने बंटवारे की बात करने के बहाने अपने ससुर को घर बुलाया, जहां पहले से रमेश गुप्ता और धनई यादव मौजूद थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान शोभा गुप्ता ने सच्चाराम गुप्ता की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिससे वे गिर पड़े। इसके बाद दोनों अन्य आरोपितों ने उन्हें पकड़ लिया और शोभा गुप्ता ने कुदाल के बेंत (लकड़ी के डंडे) से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस का दावा है कि घटना के बाद धनई यादव, जिसे पुलिस ने झोलाछाप चिकित्सक बताया है, ने मृतक की मौत की पुष्टि की। इसके बाद आरोपितों ने रात होने का इंतजार किया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से श्रीकांत चौहान को बुलाकर शव का चेहरा कपड़े से बांधा तथा उसे घसीटकर घर के बाहर एक खाली प्लॉट में फेंक दिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपित शोभा गुप्ता को उसके घर सोनबरसा से तथा अन्य आरोपितों को करहिया मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल के साथ साक्ष्य मिटाने में इस्तेमाल किया गया वाइपर और पोछा भी बरामद कर लिया गया है।
इस मामले में पुलिस आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।




