अमृत सरोवर गेट हादसे में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, ग्राम प्रधान पर एफआईआर के निर्देश, तत्कालीन सचिव निलंबित

महराजगंज।(न्यूज पैच)। तहसील नौतनवा के ग्राम पंचायत शेख फरेंदा स्थित अमृत सरोवर के मुख्य गेट के गिरने से एक बालक की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने तथा कंसल्टिंग इंजीनियर को सभी शासकीय दायित्वों से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रोजगार सेवक के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया है।
गौरतलब है कि 20 जून 2026 को ग्राम पंचायत शेख फरेंदा स्थित अमृत सरोवर का मुख्य प्रवेश द्वार अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे के समय गेट की चपेट में आने से विकास यादव, पुत्र वीरेंद्र यादव, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।
घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उसी समय उपजिलाधिकारी नौतनवा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
जांच समिति की रिपोर्ट में निर्माण कार्य के निष्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। समिति ने ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव तथा कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को घटना के लिए उत्तरदायी माना। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि रोजगार सेवक ने भी अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें प्रशासक के पद से हटाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को सभी शासकीय दायित्वों से विरत करते हुए जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। रोजगार सेवक के विरुद्ध भी विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहानि के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से आम जनता तक पहुंच सके।




