महराजगंज में अकीदत और परंपरा के साथ निकला मोहर्रम का ताजिया जुलूस, करतब और लाठीबाजी ने किया आकर्षित
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ पर्व, जुलूस मार्गों पर सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति रही बाधित

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को पूरी अकीदत, परंपरा और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। नगर सहित जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से ताजिया जुलूस पारंपरिक मार्गों से होकर कर्बला तक पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे दिन श्रद्धालुओं में गम और अकीदत का माहौल देखने को मिला, वहीं युवाओं ने पारंपरिक लाठीबाजी, तलवारबाजी तथा अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जुलूस में उत्साही युवकों ने हैरतंगेज कारनामे दिखाए। जुलूस बिस्मिल नगर से प्रारंभ होकर सुभास नगर, इंदिरा नगर होते हुए नगर सहकारी बैंक चौराहे पर पहुंचा जहा ताजियों का मिलन हुआ और वहां से जुलूस बैंक रोड होते हुए सक्सेना चौक पहुंचा जहां अन्य ताजियों का मिलन हुआ और वहाँ से कॉलेज रोड होते हुए ताजियों का जुलूस ईदगाह पर पहुंचा जहां फातिया के बाद ताजिया दफन किया गया। पायक बने बच्चे देर रात से ही कमर में घुंघरू बांधे व मोर पंख लिए घूम घूम कर मन्नत के अनुसार ताजिये का परिक्रमा कर या हुसैन या हुसैन के नारे लगा रहे थे।। जुलूस का नेतृत्व शमसुल हुडा खान ने किया जुलूस के दौरान जगह जगह सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। सभी प्रशासनिक अधिकारी, क्षेत्राधिकारी प्रभारी निरीक्षक व थानाध्यक्ष अपने अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्वक सम्पन्न कराया।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते ताजिया जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। “या हुसैन” की सदाओं के बीच मातमी जुलूस आगे बढ़ता रहा। कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया तथा पेयजल और शरबत की व्यवस्था भी की गई। पारंपरिक अखाड़ों के युवाओं ने अनुशासन के साथ लाठी, भाला और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए मार्गों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पूरे जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ताजिया जुलूसों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे तथा ड्रोन, सीसीटीवी और पैदल गश्त के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। प्रमुख चौराहों, तिराहों और जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड के जवान तैनात रहे।
जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए विद्युत विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से कई मार्गों पर निर्धारित समय तक बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी। इससे ऊंचे ताजियों को विद्युत लाइनों के नीचे से सुरक्षित रूप से निकाला जा सका और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया। पुलिस कर्मियों ने लगातार यातायात का संचालन किया, जिससे जुलूस और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी बनी रही।
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे और स्थानीय लोगों, ताजिया कमेटियों तथा धर्मगुरुओं के साथ समन्वय बनाए रखा। अधिकारियों ने जनसहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी समुदायों के सहयोग और आपसी भाईचारे के कारण मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
पूरे जनपद में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने पर्व के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए नागरिकों, ताजिया कमेटियों, स्वयंसेवकों तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भूमिका की सराहना की।




