सोहगीबरवा में बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर राहत और पुनर्स्थापना कार्य, 70 सफाईकर्मी और 10 स्वास्थ्यकर्मी संभाल रहे मोर्चा
तीनों प्रभावित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, पशुधन देखभाल और क्षति आकलन का अभियान तेज; 15 लेखपाल घर-घर जाकर कर रहे नुकसान का सर्वे

महराजगंज।(न्यूज पैच)। सोहगीबरवा क्षेत्र में बाढ़ के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर राहत एवं पुनर्स्थापना अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर तीनों प्रभावित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, पशुधन देखभाल, क्षति आकलन और राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी प्रतिदिन राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की रिपोर्ट प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। तीनों ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक भवनों, सड़कों, नालियों और बाजार क्षेत्रों की व्यापक सफाई कराई गई है। करीब 70 सफाईकर्मियों की टीम लगातार क्षेत्र में कैंप कर सफाई कार्य में जुटी है। अभियान की निगरानी के लिए एक एडीओ सहित नौ ग्राम पंचायत सचिव भी क्षेत्र में तैनात हैं। बीडीओ निचलौल मौके पर पहुंचकर स्वच्छता और अन्य कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
10 सदस्यीय मेडिकल टीम कर रही स्वास्थ्य परीक्षण
प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए दो चिकित्सकों सहित 10 स्वास्थ्यकर्मियों की मेडिकल टीम लगातार क्षेत्र में कैंप कर रही है। टीम गांवों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जरूरत के अनुसार सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को इलाज के लिए परेशानी न हो।
पशुओं के उपचार और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं की चिकित्सा और मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण के लिए पशुधन विभाग की टीम भी लगातार सक्रिय है। एक डिप्टी सीवीओ और दो सीवीओ सहित छह सदस्यीय टीम गांवों का भ्रमण कर पशुओं का उपचार कर रही है। साथ ही पशुधन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
15 लेखपाल कर रहे क्षति का सर्वेक्षण
बाढ़ से हुई वास्तविक क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा व्यापक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। तहसीलदार निचलौल के अनुसार, 15 लेखपालों की टीम प्रभावित क्षेत्र में घर-घर और मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर रही है। सर्वेक्षण के आधार पर क्षति का वास्तविक आकलन किया जाएगा और नियमानुसार अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
तीनों ग्राम पंचायतों में संचालित हैं कम्युनिटी किचन
राहत व्यवस्था के तहत तीनों प्रभावित ग्राम पंचायतों में कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता प्राप्त करने में कठिनाई न हो।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने एसडीएम सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वच्छता, स्वास्थ्य, पशुधन, राहत और क्षति आकलन से जुड़े कार्य आपसी समन्वय के साथ प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित किए जाएं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने तथा क्षति का वास्तविक और पारदर्शी आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कर क्षेत्र में सामान्य जनजीवन बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।




