विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर KMC मेडिकल कॉलेज में निःशुल्क फिजियोथेरेपी कैम्प का आयोजन— अत्याधुनिक होगी सुविधायें ।
विश्वस्तरीय रिहैब सेन्टर का हो रहा है निर्माण ,अत्याधुनिक सुविधायें और चिकित्सकों का मिलेगा लाभ— विनय श्रीवास्तव

महराजगंज।(न्यूज पैच)। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर महराजगंज जनपद के केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, महराजगंज में आज निःशुल्क फिजियोथेरेपी कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प का उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न शारीरिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श एवं आवश्यक उपचार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा। कैम्प में मरीजों की निःशुल्क जांच एवं फिजियोथेरेपी परामर्श के साथ विभिन्न जांच भी निःशुल्क किया गया। फिजियोथेरेपी डॉक्टर के द्वारा कमर एवं गर्दन के दर्द, जोड़ो की समस्या, मांसपेशियों में खिंचाव, चलने-फिरने में कठिनाई, चोट के बाद पुनर्वास तथा अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के संबंध में मरीजों को आवश्यक सलाह दी गई। इस अवसर पर फिजियोथेरेपी विभाग की टीम ने लोगों को नियमित व्यायाम, सही शारीरिक मुद्रा और दैनिक जीवन में सक्रिय रहने के महत्व के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य वित्त अधिकारी श्री पवन शर्मा जी द्वारा केक काटकर सभी को शुभकामनायें दी गई । उन्होने संस्थान के भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओ की जानकारी सभी को दी । सभी ने बुके देकर उनका स्वागत किया । संस्थान के चेयरमैन श्री विनय कुमार श्रीवास्तव ने सभी को अपनी शुभकामनायें देते हुयें कहा कि आज के समय में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता काफी है हमारे पास से अनेक छात्र यह कोर्स करके क्षेत्र की सेवा कर रहे है । फिजियोथेरेपी विभाग अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश है और आनेवाले समय में विश्वस्तरीय रिहैब सेन्टर का निर्माण हो रहा है । जिससे कि क्षेत्र के लोगों को लाभ प्राप्त होगा ।
केएमसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आयोजित यह कैम्प इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। इस अवसर पर फिजियोथेरेपी विभाग के विधगाध्य डॉ. डी.के. कुशवाहा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक निष्क्रियता, गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठकर काम करना तथा व्यायाम की कमी के कारण कमर, गर्दन, घुटने और कंधे के दर्द जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में फिजियोथेरेपी लोगों को दर्द से राहत देने के साथ-साथ उनकी गतिशीलता, मांसपेशियों की शक्ति, संतुलन और दैनिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द का उपचार नहीं, बल्कि व्यक्ति को पुनः सक्रिय, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन जीने में सक्षम बनाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया है। स्ट्रोक, लकवा, स्पोर्ट्स इंजरी, ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरोलॉजिकल समस्याओं तथा बच्चों के पुनर्वास में भी फिजियोथेरेपी का महत्वपूर्ण योगदान है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में फिजियोथेरेपिस्ट मिस रेणु, मिस प्रिया, मिस सोफिया, मिस नर्गिस, संजीव , राजन आदि का सराहनीय योगदान रहा




