Uncategorized

न्यायालय के आदेश पर चार के विरुद्ध एससी एसटी की धाराओं में मुकदमा दर्ज 

सिन्दुरिया , महराजगंज।(न्यूज पैच)। स्थानीय पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट के आदेश के क्रम में चार लोगों के विरुद्ध एससी एसटी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और विधिक कार्रवाई में जुट गयी।

इस दौरान सिंदुरिया थाना क्षेत्र के ग्रामसभा जगरनाथपुर उर्फ जौरहर निवासी 50 वर्षीया सुनैना पत्नी मन्नू ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश एस.सी. एस.टी. कोर्ट वाद दायर कर आरोप लगायी थी कि प्रार्थिनी की भूमिधरी आ.नं. 864 रकवा 0.239 हे. मौजा मजकूर में स्थित है। जिसमें बढ़कर सर्वण जाति के सुनील रावत, रतन रावत, अजय रावत, व ओमप्रकाश रावत, पुत्रगण नरेश रावत, निवासी मौजा जगरनाथपुर उर्फ जौरहर टोला हथियागढ़ अवैध निर्माण करने जा रहे थे तो प्रार्थिनी ने एक दावा वाद सं. 392/26 सुनैना बनाम सुनील रावत वगैरह न्यायालय सिविल जू.डि. महराजगंज के न्यायालय में दाखिल किया। जिसमे न्यायालय द्वारा दिनाक 2-5-26 को आदेश पारित करते हुये विपक्षीगण को प्रार्थिनी के अराजी उपरोक्त में शान्तिपूर्ण कब्जा दखल में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने से मना किया गया है।

इसके वावजुद उक्त सभी लोग दिनांक 19-5-26 को समय करीव 8 वजे सुवह प्रार्थिनी के आराजी में जवरजस्ती अवैध निर्माण करने लगे। सूचना पाकर प्रार्थिनी अपने पति व लडके के साथ मौके पर पहुंची तथा उक्त लोगो को प्रार्थिनी के आराजी में अवैध निर्माण करने से मना किया तो उक्त सभी लोग नाराज होकर प्रार्थिनी व प्रार्थिनी के पति व लड़के को नीच जाति चमार जैसे जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की नियत से मां वहन की भद्दी- भड्डी गाली गुप्ता देते हुए लात मुक्का थप्पड से बुरी तरह से मारे पीटे तथा जान से मारने की धमकी देते हुए कहे कि दुवारा हम लोगो का अवैध निर्माण राकेने आयी तो तुम लोगो को जान से मार दिया जायेगा। वाद पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सिन्दुरिया पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया।

इस संबंध में सिन्दुरिया थानाध्यक्ष विशाल कुमार शुक्ला ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में आरोपी सुनील रावत, रतन रावत, अजय रावत एवं ओमप्रकाश रावत निवासी मौजा जगरनाथ उर्फ जौरहर के विरुद्ध बीएनएस की धारा 115 (2), 351 (3), 352, 329 (1) एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) 3(1) (द), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) 3(1) (ध) एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता 3(2)(व ) निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रमोद कुमार मौर्य

News Patch desk

News Patch का डेस्क अनुभवी और समर्पित पत्रकारों की एक टीम है, जो 24×7 सटीक, तेज और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए कार्यरत है। डेस्क टीम का मुख्य उद्देश्य हर खबर को तथ्यों के साथ परखकर, निष्पक्ष और संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना है। डेस्क पर कार्यरत पत्रकारों को विभिन्न बीट्स—जैसे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दे, और ब्रेकिंग न्यूज़—का गहरा अनुभव है। टीम लगातार बदलते न्यूज़ ट्रेंड्स पर नजर रखती है और हर महत्वपूर्ण अपडेट को तुरंत कवर करती है। News Patch Desk की विशेषता उसकी गति और विश्वसनीयता है। टीम आधुनिक डिजिटल टूल्स और मजबूत संपादकीय प्रक्रिया के माध्यम से खबरों की गुणवत्ता बनाए रखती है। हर खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। डेस्क टीम का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को जागरूक और सूचित रखना है, ताकि वे सही जानकारी के आधार पर अपने विचार बना सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!