नेत्र रोग विभाग आधुनिक मशीनों से केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में होगा जांच और उपचार
चेयरमैन श्री विनय कुमार श्रीवास्तव ने फिता काटकर किया शुभारम्भ

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद के केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नेत्र विभाग में आधुनिक विश्वस्तरीय मशीनों से बेहतर जांच और उपचार की सुविधा होगी । इस अवसर पर डार्क रूम का शुभारम्भ अस्पताल के चेयरमैन श्री विनय कुमार श्रीवास्तव ने डीन प्रोफेसर डाॅ संकल्प द्विवेदी और नेत्र रोग विभाग के चिकित्सकों के साथ किया ।
उन्होनें चिकित्सकों से सभी मशीनों के विषय मे जानकारी प्राप्त की तथा उन्होने इस सुविधा को जनपद के लोगो को समर्पित किया । आज के समय में बहुत से जगहों पर आज ही आधुनिक मशीनों के अभाव में काफी दिक्कतों का सामना करना पडता था । आज से केएमसी में सभी जरूरी आधुनिक विश्वस्तरीय मशीनें उपलब्ध है । इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अमजद खान ने बताया कि आंखें हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं और आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज करना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। इसी उद्देश्य से केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नेत्र विभाग में आधुनिक तकनीक और उन्नत मशीनों के माध्यम से आंखों की विभिन्न बीमारियों की जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नेत्र विभाग में स्लिट लैम्प, ऑटो रिफ्रैक्टोमीटर, टोनोमीटर, फंडस कैमरा, OCT मशीन, पेरिमीटर/विजुअल फील्ड एनालाइज़र, B-Scan Ultrasonography, केरेटोमीटर, लेन्सोमीटर, फेको मशीन, YAG Laser तथा ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप जैसी आधुनिक मशीनों से जांच एवं उपचार की सुविधा है । इन अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से मरीजों की आंखों की गहन जांच की जा सकती है। आंखों का नंबर, कॉर्निया की स्थिति, आंखों का आंतरिक दबाव, रेटिना, ऑप्टिक नर्व और देखने की क्षमता आदि की जांच आधुनिक तकनीक से की जाती है। विशेष रूप से ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, रेटिना संबंधी रोग, आंखों की रोशनी कम होना, धुंधला दिखाई देना तथा अन्य नेत्र समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार में ये मशीनें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मोतियाबिंद के आधुनिक ऑपरेशन के लिए फेको मशीन और सूक्ष्म नेत्र सर्जरी के लिए ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप जैसी तकनीकें मरीजों के उपचार को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने में सहायक हैं। यह सभी सुविधायें सरकारी दरों पर केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मे उपलब्ध होगी ।
अगर आपके आंखों में दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना, बार-बार सिरदर्द, आंखों से पानी आना या दृष्टि में किसी भी प्रकार की कमी होने पर समय रहते नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर जांच, सही इलाज और आधुनिक तकनीक से ही आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है ।




