विश्वशांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
कुशीनगर का रहने वाला था प्रशिक्षक, छह माह से कॉलेज परिसर में संचालित कर रहा था हेल्थ केयर प्रशिक्षण केंद्र; पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र स्थित विश्वशांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में शुक्रवार को एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 23 वर्षीय अजय यादव पुत्र केशव यादव निवासी ग्राम कुसमा बिरौली (रगड़गंज), थाना रामकोला, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि अजय करीब छह माह पूर्व महराजगंज आया था और विश्वशांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में संचालित हेल्थ केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार अजय यादव जेआईटीएम (JITM) संस्था का कर्मचारी था। संस्था के माध्यम से निजी क्षेत्र के हेल्थ केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 20 छात्र-छात्राओं को 30 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा था। उसका अंतिम प्रशिक्षण बैच 27 जून को पूरा हुआ था। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए उसने अपना अलग स्टाफ भी नियुक्त किया था और कॉलेज परिसर में निर्धारित स्थान से प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अजय की हत्या की गई है और मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों के आरोपों के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बन गया।
वहीं, विश्वशांति निकेतन डिग्री कॉलेज प्रबंधन ने स्वयं को घटना से अलग बताते हुए कहा कि अजय यादव को कॉलेज परिसर में प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने के लिए स्थान सुमित कुमार राय के अनुरोध पर उपलब्ध कराया गया था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उनकी भूमिका केवल प्रशिक्षण संचालन के लिए परिसर उपलब्ध कराने तक सीमित थी और प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन संबंधित संस्था द्वारा किया जा रहा था।
सुमित कुमार राय ने भी बताया कि अजय यादव जेआईटीएम संस्था से जुड़ा कर्मचारी था और निजी क्षेत्र के हेल्थ केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहा था। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कर विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल फोन, घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लेकर पड़ताल कर रही है।
क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया फोरेंसिक टीम द्वारा मौके पर जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।




