विश्व युवा कौशल दिवस पर दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज में कार्यशाला, विशेषज्ञों ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश

सिंदुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंगलवार को नगर पंचायत चौक बाजार स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता और बदलते रोजगार परिदृश्य की जानकारी देते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में वही युवा सफल होगा, जिसके पास तकनीकी और व्यावसायिक कौशल होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं दिग्विजयनाथ जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) चरगांवा, गोरखपुर के इंस्ट्रक्टर छेदी प्रसाद ने कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में इसकी घोषणा युवाओं को रोजगार, सम्मानजनक कार्य और उद्यमिता के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की थी।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप और स्वरोजगार के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तकनीकी क्रांति, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और बदलती सोच ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल को लगातार विकसित करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिन्द्र यादव ने कहा कि आज का युग कौशल आधारित अर्थव्यवस्था का है। उन्होंने कहा कि रोजगार, सम्मानजनक जीवन और सफलता के लिए तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “जिसमें कौशल होगा, वही कुशल होगा।”
प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ‘प्रवीण’ के अंतर्गत बाबा गंभीर नाथ कौशल विकास केंद्र संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष केंद्र के माध्यम से 210 छात्राओं को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी सत्र से कंप्यूटर एवं ब्यूटीशियन जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे छात्राओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों से समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करने, नई तकनीकों को सीखने तथा स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास ही विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती पूनम सिंह एवं रमेश कुमार सिंह ने किया, जबकि संचालन बिनोद कुमार विमल ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रमोद कुमार मौर्य




