30 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद मिली नई जिंदगी, केएमसी के चिकित्सकों ने बचाई प्रसूता की जान

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद के सिसवा क्षेत्र की रहने वाली एक गरीब महिला को प्रसव के दौरान अचानक झटके आने लगे, जिसके बाद उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। स्थानीय अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद ग्राम प्रधान की मदद से रात करीब 10 बजे उसे केएमसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।
क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर मरीज की धड़कन बंद हो चुकी थी। दो बार सीपीआर देने के बाद उसकी धड़कन वापस लाई गई। एमआरआई जांच में मस्तिष्क में सूजन मिलने पर मरीज को न्यूरो सर्जन डॉ. अग्रज मिश्रा की निगरानी में आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती किया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ताशिका फातवानी सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सकों ने लगातार 30 दिनों तक उपचार किया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ था। इसे देखते हुए केएमसी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन विनय श्रीवास्तव, डीन डॉ. संकल्प द्विवेदी और सीईओ डॉ. एस.एम. रफीक ने दवाओं पर 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट देने के साथ आईसीयू का पूरा शुल्क माफ कर दिया।
लगातार एक महीने के इलाज के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौटी। विदाई के समय परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सकों व अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया।
चेयरमैन विनय श्रीवास्तव ने कहा कि केएमसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना जरूरतमंद मरीजों की सेवा के उद्देश्य से की गई है और भविष्य में भी कोई भी गरीब मरीज इलाज के अभाव में निराश नहीं लौटेगा।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ताशिका फातवानी ने गर्भवती महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सुरक्षित प्रसव के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त अस्पताल का चयन करने की अपील की।




