विकास योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, विद्यालयों में शत-प्रतिशत संतृप्तीकरण और योजनाओं की जमीनी निगरानी पर जोर
नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी, मनरेगा परिसंपत्तियों के निर्माण और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के दिए निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में संचालित विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर परिणाम के रूप में प्रदर्शित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पशुपालन, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का विभागवार परीक्षण किया।
विद्यालयों के कायाकल्प और नामांकन वृद्धि पर विशेष जोर
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को मिशन कायाकल्प के अंतर्गत जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों को शत-प्रतिशत संतृप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों से पूर्व विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विद्यालयों में छात्र नामांकन बढ़ाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 25 जून से घर-घर संपर्क अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विद्यालय छोड़ चुके बच्चों के पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।
फैमिली आईडी और जल जीवन मिशन की समीक्षा
फैमिली आईडी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े ऐसे लाभार्थियों की पहचान की जाए जिनकी फैमिली आईडी नहीं बनी है। संबंधित विभाग ऐसे लाभार्थियों की फैमिली आईडी बनवाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने सड़क अनुरक्षण कार्यों को प्रभावी ढंग से कराने और प्रत्येक विकास खंड स्तर पर योजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मनरेगा से बनें सार्वजनिक परिसंपत्तियां
ग्राम्य विकास एवं मनरेगा की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मनरेगा के माध्यम से नवीन सार्वजनिक उपयोग की परिसंपत्तियों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने जल संरक्षण, पौधारोपण और ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
साथ ही उन्होंने जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी मनरेगा पार्कों और खेल मैदानों में कम से कम दो मंगल दलों को सक्रिय किया जाए तथा नियमित खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए।
आईजीआरएस और पंचायत विभाग के प्रदर्शन पर नाराजगी
पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर आरआरसी सेंटरों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में खराब प्रदर्शन पर एडीओ पंचायतों को कड़ी चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
मधवलिया गोसदन को बनाया जाएगा मॉडल केंद्र
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मधवलिया गोसदन को जनपद का आदर्श गोसदन विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, चारे की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छता और पशु चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा में जिलाधिकारी ने महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंक लिंकेज, स्वरोजगार, विपणन और कौशल विकास कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विकास खंड में सफल स्वयं सहायता समूहों के मॉडल विकसित करने की बात कही।
बैठक में जिलाधिकारी ने ‘महराजा ब्रांड’ को पुनर्जीवित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी सार्वजनिक कार्यालयों एवं शौचालयों में महराजा ब्रांड के टॉयलेट क्लीनर उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने तथा उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्ति किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, योजनाओं की जमीनी निगरानी और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, उपायुक्त मनरेगा गौरवेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



